हॉर्मोनल बदलावों के कारण प्राइवेट पार्ट्स हो जाते हैं डार्क

हॉर्मोनल बदलावों के कारण प्राइवेट पार्ट्स हो जाते हैं डार्क

यह बड़ी ही नॉर्मल बात है और सभी इसका एक्सपीरियंस कर चुके हैं कि मनुष्यों के प्राइवेट पार्ट्स का रंग ज़रा गहरा होता है. शरीर के बाकी अंगों की तुलना में मनुष्यों के गुप्तांगों का रंग थोड़ा गहरा होता है यानी काला होता है. इनमें केवल प्राइवेट पार्ट्स ही शामिल नहीं है. प्राइवेट पार्ट्स के आसपास के हिस्से जैसे इनर थाई और बट्स का रंग भी गहरे शेड का होता है. प्राइवेट पार्ट्स मनुष्य के बेहद ही निजी अंग होते हैं, जिसे चाहे दिन हो या रात, अंडरआर्म हो, योनि या फिर आंतरिक जांघ इसे ढँक कर ही रखना होता है.

देखा जाता है कि महिलाएं ज्यादातर Hair Removal Cream का इस्तेमाल करती हैं जिससे प्राइवेट पार्ट्स के अनचाहे बालों को हटाया जा सके. लेकिन Hair Removal Cream के निरंतर इस्तेमाल से यह प्राइवेट पार्ट्स की स्किन को काला कर देती है. डॉक्टर्स ने बताया कि शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण भी गुप्तांगों की त्वचा का रंग बदलने लग जाता है.

डॉक्टर्स ने बताया की प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के निप्पल्स का रंग डार्क हो जाता है. उसी प्रकार उनके शरीर के दूसरे हिस्सों में कई तरह के बदलाव आ जाते हैं. अगर यह सब बातें नहीं हो, फिर भी प्राइवेट पार्ट्स का रंग डार्क ही रहे तो यह जेनेटिक्स भी हो सकती है. इसका मानव के शरीर पर कोई ख़ास प्रभाव नहीं पढता, लेकिन यह पार्टनर का मूड बनाने में काफी सहयोगी होता है.

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