आखिर क्यों ह्यूमन राइट्स वॉच ने बीजिंग को लगाई फटकार

चीन की राजधानी बीजिंग में आने वाले माह  शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन किया जाने वाला है। इसके लिए चीन में बहुत तेजी से तैयारियां और भी बढ़ती जा रही है। लेकिन इस दौरान चीन द्वारा एथलीट्स के लिए बनाए जा रहे नियमों को लेकर विवाद शुरू हो चुका है। बीजिंग के अधिकारियों की तरफ से हाल ही में फ्री स्पीच को लेकर विवादित बयान भी दे दिया है। इसमें खिलाड़ियों को धमकी देते हुए बोला गया कि अगर किसी भी खिलाड़ी का व्यवहार या भाषण चीनी कानूनों और विनियमों के विरुद्ध हुआ तो वह सजा का पात्र से होने वाला है।

बीजिंग की इस टिप्पणी पर ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बता दिया है। HRW की तरफ से जारी बयान में बोला गया है "हजारों ओलंपिक एथलीटों के लिए बीजिंग समिति की धमकी मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन भी कर रही है। यह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के नियम 50.2 के अंतर्गत मिला अधिकार है, जो एथलीटों को सीमित तरीके से 'अपने विचार व्यक्त' करने और ओलंपिक मूल्यों का सम्मान करने की अनुमति भी प्रदान करता है। 

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने बोला है कि ये खेल "मानवता का जश्न मनाते हैं" लेकिन खेलों के लिए एथलीटों के देश में आने से पहले बीजिंग की चेतावनी उन्हें उनके मूल अधिकारों से वंचित करके अमानवीयता का जश्न मनाने की देश की मंशा की ओर इशारा कर रही है।

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