जाने निर्धारित समय से पहले जन्मे बच्चों का क्यों बिगड़ता है भविष्य

जाने निर्धारित समय से पहले जन्मे बच्चों का क्यों बिगड़ता है भविष्य

बच्चे अगर निर्धारित समय से पहले जन्म लेते है तो इन बच्चों को कई समस्या का सामना करना पड़ता है। जैसे कि ऐसे बच्चो मे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका अधिक होती है और इस तरह के बच्चे पढ़ाई मे भी कमजोर रहते है। वयस्क होने पर ये बाकि लोगों की तुलना मे कमाई भी कम कर पाते हैं।   

साइकोलॉजिकल साइंस के मुताबिक निर्धारित समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों गणित मे कमजोर होते है, सवाल हल करने की क्षमता कम होती है। और अन्य विषयों मे भी समान्य ही प्रदर्शन करते है। ऐसे बच्चे शैक्षणिक योग्यता हासिल करने में अपने समान्य उम्र वाले बच्चों की तुलना मे पीछे रहते है। शैक्षणिक योग्यता कम होने की वजह से उन्हें अच्छी नौकरियां मिलने मे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जिसके वजह से उनकी आमदनी भी कम होती है।

मनोवैज्ञानिक का कहना है कि समय से पहले जन्मे बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं और शिक्षा पर अधिक खर्च करना ही पड़ता है। वयस्क होने तक इन्हे आर्थिक मदद देनी ही पड़ती है।

शोधकर्ता ने आंकड़ों का अध्ययन करने के लिए जन्म से पहले जन्मे बच्चों को उनके वयस्क होने तक उन पर नजर रखी गयी। पहला अध्ययन 1958 में और दूसरा अध्ययन 1970 में किया गया। अध्ययन में जिन बच्चों से संबंधित आंकड़ों को शामिल किया था, वे गर्भावस्था के 28वें से 42वें सप्ताह के बीच जन्मेे थे।

42 वर्ष की उम्र के होने तक उनकी आमदनी और उनकी संपत्ति का अध्ययन किया। बच्चों की पारिवारिक आय, सामाजिक श्रेणी और आर्थिक स्थिति के बारे में उनकी धारणा का भी अध्ययन किया गया।

शोधकर्ताओं ने इन बच्चों की योग्यता के निर्धारण के लिए उन्हें गणित के सवाल हल करने के लिए दिया गया और कुछ अन्य परीक्षण भी किए। जन्म के समय बच्चों के वजन, गर्भावस्था के दौरान मां के स्वास्थ्य और माता-पिता की शिक्षा का भी अध्ययन किया।