जानिए कौन हैं शंकरनारायण मेनन चुंडायिल, जिनके आज हर तरफ हो रही बातें

सेंट्रल गवर्नमेंट की तरफ से 73वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार विजेताओं के नामों का एलान भी हो चुका है। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सम्मानीय लोगों को इन पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। खेल के क्षेत्र से भी कई खिलाड़ियों को इससे सम्मानित किया जाने वाला है। इनमें एक नाम ऐसा है जो अपने आप में एक संस्थान हैं और देश के सबसे पुराने मार्शल आर्ट फॉर्म 'कलारीपयट्टू' के मौजूदा दौर के दिग्गज प्रशिक्षक हैं। हम बात कर रहे हैं 93 साल के शंकरनारायण मेनन चुंडायिल (उन्नी गुरुक्कल) की जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। 

कौन हैं शंकरनारायण मेनन चुंडायिल?: शंकरनारायण मेनन इस समय केरल में वल्लभट्ट कलारी के मुख्य प्रशिक्षक और वर्तमान गुरुक्कल हैं, जिनके नेतृत्वमें तकरीबन 100 युवा प्रशिक्षु प्रशिक्षण भी ले चुके है। शंकरनारायण कलारी को सीखाने वाले मुदावंगटिल परिवार के सबसे वरिष्ठ व्यक्ति हैं। परिवार के पास मालाबार में वेट्टथु नाडु के राजा की सेना का नेतृत्व करने की विरासत में है।

मेनन की आयु आज 93 वर्ष हो  चुकी है लेकिन वह आज भी तय दिनचर्या और अनुशासन के साथ अपना जीवन जी रहे हैं। वह रोजाना सुबह साढ़े 5 बजे उठते हैं और 6 बजे ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर दो घंटे की ट्रेनिंग दे रहे है। वह  वक़्त से उठने और समय से सोने की नीति का पूरी तरह से पालन भी किया करते है। उन्नी गुरुक्कल और उनके बच्चों ने कलारीपयट्टू को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर विदेशों की यात्रा की है, ब्रिटेन, यूएस, फ्रांस, बेल्जियम और श्रीलंका जैसे देशों में नए वल्लभट्ट केंद्र शुरू कर दिया है। अब तक, वल्लभट्ट कलारी दुनिया भर में 17 शाखाओं में 5,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करता है। 

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