जानिए क्या है मानवाधिकार आयोग और यह कैसे करते है कार्य

Dec 06 2018 08:00 PM
जानिए क्या है मानवाधिकार आयोग और यह कैसे करते है कार्य

देश में रहने वाले हर व्यक्ति को अपने अधिकारों से परिचित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना सरकार द्वारा अक्टूबर 1993 में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अधीन की गई थी। आयोग में कुल आठ सदस्य होते हैं- एक अध्यक्ष, एक वर्तमान अथवा पूर्व सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश, एक वर्तमान अथवा भूतपूर्व उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, मानवाधिकार के क्षेत्र में जानकारी रखने वाले कोई दो सदस्य तथा राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचितजाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष। इसके अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

कोई कैसे कर सकता है शिकायत - यदि किसी व्यक्ति को आयोग में शिकायत दर्ज करानी है तो यह अत्यंत सरल कार्य है। बता दे आयोग में शिकायत निःशुल्क दर्ज की जाती है। वही आयोग फैक्स और तार द्वारा प्राप्त शिकायतें भी स्वीकार करता हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग प्रतिवर्ष देश में मानवाधिकारों की स्थिति से सम्बन्धित एक रिपोर्ट भी प्रकाशित करता है। इसके द्वारा इस रिपोर्ट को विधानसभा के सम्मुख भी प्रस्तुत किया जाता है। जबकि राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा ऐसा प्रतिवेदन सम्बद्ध राज्य की विधान सभा के सम्मुख रखा जाता है।

कुछ राज्यों तक ही सिमित है जागरूकता - आयोग को एक निश्चित मात्रा में ही शिकायतें प्राप्त होना इस बात को दर्शाता है की अब भी मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता मात्र कुछ राज्यों तक ही सीमित हैं। हालांकि, अध्ययन प्रकट करता है कि अधिकतर शिकायतें तीन या चार राज्यों से ही प्राप्त होती हैं। 

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