क्या है 'पकड़ौआ' या पकड़वा विवाह? बिहार में है काफी चलन

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक पकड़ौआ शादी हुई यहाँ प्रेमी को रात में अपनी प्रेमिका के घर पहुंचना तथा उससे मिलना भारी पड़ गया। गांव के लोगों ने प्रेमी को प्रेमिका के साथ प्रेम का इजहार करते रंगे हाथ पकड़ लिया। घरवालों ने हंगामा किया तो पंचायत बैठी। पंचायत ने दोनों के शादी का फरमान सुना दिया। प्रेमी की इच्छा के खिलाफ उसे प्रेमिका के साथ गांव के ही मंदिर में ले जाया गया और शादी करवा दी। 

क्या है पकड़ौआ शादी?
'पकड़ौआ' या पकड़वा विवाह  यानि ऐसी शादी वो शादी जिसमें शादी योग्य लड़के का अपहरण करके उसकी जबरन शादी करवाई जाती है उसे मार-पीट के बल पर या डरा-धमकाकर शादी करा दी जाती थी, कुछ वर्ष पूर्व इसी मुद्दे पर पर एक टेलीविज़न सीरियल भी भाग्यविधाता नाम से आया था। लोग बताते हैं कि इन पकड़ौआ विवाह को कुछ वर्ष गुजरने के बाद मान्यता मिल जाती है बताते हैं कि इसका इतना खौफ था कि बकायदा छात्र, नौकरीपेशा लड़कों को खास हिदायत दी जाती थी कि वो शादी के सीजन में घर से बाहर ना निकलें तथा निकलें भी तो सावधानी के साथ।

आलम ये था कि बाकायदा इसके लिए गिरोह चलते थे तथा शादी के सीजन में इनकी बहुत मांग रहती थी। 'पकड़ौआ' विवाह के मामले बेगुसराय में बहुत दर्ज किए गए थे, बताते हैं इसके लिए बकायदा गिरोह थे जो इसी काम में लिप्त थे जो इंटरमीडिएट तथा मैट्रिक की परीक्षा देने वाले नाबालिग लड़कों से लेकर नौकरी करने वाले नौजवानों की जानकारी रखते थे तथा उनका अपहरण कर उनका 'पकड़ौआ' विवाह करा देते थे।

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