यहाँ पागलपन को दूर करने के लिए कर दिया जाता है सिर में छेद

पुराने समय में अगर बीमारियों के इलाज की बात करे तो पहले तो कोई डॉक्टर्स नहीं होते थे. पुराने समय के लोग तो वैद्य जी की जड़ी-बूटी और झोलाछाप डॉक्टर्स पर ही विश्वास करते थे. ये झोलाछाप डॉक्टर्स उल्टे-सीधे इलाज करके लोगों को और ज्यादा बीमार कर देते थे. आज हम आपको पुराने ज़माने के उल्टे-सीधे इलाजों के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में सुनकर शायद आप भी अपना माथा फोड़ ले.

पुराने समय में अगर कोई व्यक्ति पागल हो जाता था या फिर उसे कोई दिमागी बीमारी होती थी तो उस व्यक्ति का ईलाज करने के लिए उसके सिर में ही छेद कर दिया जाता था. जी हाँ... और सिर में छेद करने के लिए व्यक्ति के ऊपर ड्रिलिंग मशीन जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता था. अब आप खुद ही इस बात का अंदाज़ा लगा सकते है कि ऐसा करने से उनके सिर में कितना दर्द होता होगा.

उस व्यक्ति को लेटाकर उसके सिर में ड्रिल मशीन जैसे उपकरण को रखकर उसे जोर से दबाया जाता था और जब तक वो अंदर जाकर छेद ना कर दे तब तक इलाज पूरा नहीं होता था. सिर में छेद होते ही वो बीमार व्यक्ति दर्द के कारण तड़प उठता था. इतना ही नहीं उस समय ऐसा दावा भी किया जाता था कि इस इलाज को करने से व्यक्ति का पागलपन भी दूर हो जाता था. इस बीमारी के इलाज करने की विधि को 'ट्रेपानेशन' कहा जाता है.

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