केदारनाथ में अब भी जारी है ग्लेशियर टूटने का सिलसिला, मजदूरों को खतरा

Apr 21 2019 08:23 PM
केदारनाथ में अब भी जारी है ग्लेशियर टूटने का सिलसिला, मजदूरों को खतरा

देहरादून : आगामी नौ मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा तैयारियों को लेकर डीडीएमए लोनिवि के 150 मजदूर 24 मार्च से गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच जमा बर्फ को साफ कर रास्ते आवाजाही लायक बनाने में जुटे हैं। वहीं रामबाड़ा से रुद्रा प्वाइंट तक नौ किमी क्षेत्र के बीच भैरव गदेरा, टीएफ चट्टी, कुबेर नाला, हाथनी गदेरा सहित पांच ग्लेशियर जोन सबसे खतरनाक बने हैं। 

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इस तरह खिसकने लगे हिमखंड 

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां चटक धूप में ग्लेशियर का ऊपरी हिस्सा टूट रहा है, जो तेजी से खिसकते हुए नीचे रास्ते पर पहुंच रहा है। ऐसे में बर्फ सफाई में जुटे मजदूरों के लिए निरंतर खतरा बना हुआ है। बीते छह वर्षों में इस बार पैदल मार्ग पर कई फीट बर्फ पड़ी है, जिस कारण यहां ग्लेशियर सक्रिय हो गए हैं। इधर, डीडीएमए के सहायक अभियंता ने बताया कि पांचों ग्लेशियर प्वाइंट 40 से 45 फीट लंबाई क्षेत्र में फैले हुए हैं। 

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श्रद्धालु को बरतनी होगी सतर्कता 

इसी के साथ ऐसे में इन स्थानों पर सतर्कता के साथ कार्य करना पड़ रहा है। जैसे-जैसे मौसम ठीक होगा, यहां कार्य करना उतना ही मुश्किल होगा, क्योंकि धूप में ग्लेशियर ज्यादा तेजी से चटकते हुए नीचे की तरफ खिसकेंगे। ऐसे में यात्रा के दौरान पैदल मार्ग से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी इन स्थानों पर सतर्कता बरतनी होगी।

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