हमारी ग्रोथ रेट 7-7.5% है, जब कि हमें 8-9% की रेट से बढ़ना होगा

Jan 31 2016 10:46 AM
हमारी ग्रोथ रेट 7-7.5% है, जब कि हमें 8-9% की रेट से बढ़ना होगा

नई दिल्ली : द इकोनॉमिक्स बिजनेस ग्लोबल समिट में वित मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार पॉपुलिस्ट बजट लाने से बचने का प्रयास करेगी। देश को रिफॉर्म की जरुरत बताते हुए जेटली ने कहा कि हमारा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, सिंचाई और प्रोडक्शन बढ़ाने पर होगा।

बता दें कि फरवरी के आखिरी में बजट आने की उम्मीद है। वित मंत्री ने कहा कि बजट में उन क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जहां इन्वेस्टमेंट जरुरी है। अभी हम 7-7.5 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रहे है। लेकिन हमारी क्षमता 8-9 प्रतिशत की है। इसी विकास दर से गरीबी को दूर किया जा सकता है।

जेटली ने कहा कि हमें नहीं भूलना चाहिए कि भारत उन चुनिंदा देशों में से है, जो 2001, 2008 और 2015 के वैश्विक संकट से खुद को बचाने में सक्षम रहा। सरकार पिछली तारीख से टैक्स दावों पर जोर नहीं देगी। जो दो-तीन बड़े विवाद हैं उनके भी जल्दी समाधान की कोशिश की जाएगी। बेवजह टैक्स लगाने से पैसे तो नहीं मिलते, बदनामी जरूरी मिलती है।

जेटली ने जीएसटी के संबंध में कहा कि मैंने कांग्रेस से बात की है। उम्मीद है वो इसकी जरुरत को समझेंगे। कांग्रेस शासित राज्य भी जीएसटी को लागू करना चाहते। मेक इन इंडिया के संबंध में जेटली ने कहा कि इसे सफल बनाने के लिए हमें सस्ती मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान देना होगा।

भारत में चीन के मुकाबले मजदूरों का वेतन कम है, यह हमारे लिए फायदेमंद है। क्रूड ऑयल तेल और दूसरी कमोडिटी के दाम में गिरावट के कारण वर्ल्ड इकोनॉमी खराब दौर से गुजर रही है। हम इन चीजों का इम्पोर्ट करते हैं, इसलिए इनका सस्ता होना हमारे लिए फायदेमंद है।