दो परियोजनाओं का काम पूरा होने के बाद शिमला को मिलेगी पानी की किल्लत से आजादी

शिमला : शिमला में कई पेयजलों का काम पूरा होने के बाद शहर के लोगों को पानी की राशनिंग से जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। आईपीएच विबाग ने कोटी-बरांडी और बीन पेयजल योजनाओं का काम पूरा कर लिया है। रविवार को इन पेयजल लाइनों को जोड़ने का काम पूरा हो गया है। सोमवार से इनका ट्रायल किया जाना है। लाइनों में लीकेज को देखते हुए दो दिनों तक विबाग पहले ट्रायल के तौर पर चलाएगा। ट्रायल के सफल होने के बाद इसे रेगुलर किया जाएगा।

अश्वनी खड्ड पेयजल योजना से गंदे पानी की सप्लाई किए जाने के कारण विभाग को ट्रीटमेंट प्लांट, क्वालग और कसुम्पटी टैंक में संक्रमण की आशंका है, इसी कारण विभाग पानी की आपूर्ति आरंभ करने से पहले अच्छी तरह से सफाई चाहता है, ताकि पीलिया समेत जल जनित रोगों की संभावना ही नहीं रहे।

उन्होंने बताया कि सिविल वर्क साथ-साथ किया जाएगा। सिविल वर्क काफी बचा हुआ है। इसमें कम से कम लगभग एक माह का समय लगेगा। दरअसल, विभाग ने जो लाइनें जोड़ी है, वे टेंपरेरी तौर पर टिकाई गई है। उनके नीचे पिल्लर लगाए जाने बाकी है, ताकि पानी के भार से लाइन टूटे नहीं।

फिलहाल नगर निगम द्वारा वार्ड के अनुसार, पानी की सप्लाई की जा रही है। ट्रायल पूरी होने के बाद विबाग नगर निगम को इसकी सैंपलिंग के लिए भेजेगा। इसके बाद मंगलवार को निगम के स्वास्थय अधिकारी, प्रदूषण बोर्ड के साथ आईपीएच विभाग पानी की सैंपल लेगा।

जिसकी रिपोर्ट दो दिनों के बाद आएगी। नगर निगम पानी के सैंपल की जांच आईजीएमसी की माइक्रा बायोलॉजी लैब में करवाता है, जबकि आईपीएच की अपनी लैब है। सैंपल रिपोर्ट सही रही तो उम्मीद है कि वीरवार शाम या फिर शुक्रवार से विभाग आपूर्ति शुरू करेगा।

मुख्यमंत्री के आदेशानुसार, विभाग ने 10 मई तक का लक्ष्य रखा था। हांला कि विभाग ने बीन योजना को समय से पूरा कर लिया, लेकिन कोटी-बरांडी के लिए पाइपें देरी से पहुंची।

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