पुल ने साबित किया बहुमत का पुल, लेवांग बने विधानसभा अध्यक्ष

Feb 26 2016 12:54 PM
पुल ने साबित किया बहुमत का पुल, लेवांग बने विधानसभा अध्यक्ष

इटानगर : अरुणाचल प्रदेश में गहराए राजनीति संकट का आखिरकार नई सरकार के गठन के साथ अंत हो गया। अरूणाचल प्रदेश के नए मख्यमंत्री कलिखो पुल ने राज्य विधानसभा में 40 विधायकों के समर्थन से बहुमत सिद्ध किया था। इसके पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक वांकी लोवांग को सभी की अनुमति से विधानसभा अध्यक्ष भी निर्वाचित किया गया। जिन 40 विधायकों ने मुख्यमंत्री के तौर पर पुल को समर्थन दिया, उसमें 27 कांग्रेस के थे तो दूसरी ओर 11 विधायक भाजपा के हैं।

इस गठबंधन में निर्दलीयों का भी योगदान नज़र आता है। जिसमें 2 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी उन्हें मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री नाबाम टुकी खेमे के 9 विधायक बुधवार को पुल के खेमे में पहुंच गए थे। उनके पक्ष में मतदान किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में मतदान नहीं किया। नाबाम टुकी को लेकर सदन में विश्वास रखने वाले 17 कांग्रेसी विधायक राजेश ताको द्वारा व्हिप जारी करने के बाद अनुपस्थित थे।

ताको ने पार्टी विधायकों को पुल के समर्थन में मतदान से अनुपस्थित रहने का निर्देश दिया। कांग्रेस विधायक दल के पेमा खांडू ने इस मामले में व्हिप जारी किया। पुल द्वारा 19 फरवरी को शपथ ली गई। इस दौरान राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाया गया था। उन्होंने अपना बहुमत सिद्ध करने हेतु वांकी लोवांग को नया विधानसभा अध्यक्ष भी निर्वाचित किए जाने के तुरंत बाद सदन में विश्वासमत प्रस्ताव भी सामने रखा।

भाजपा सदस्यों ने सदन में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष नाबाम रेबिया के विरूद्ध महाअभियोग चलाने का प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया था। 16 और 17 दिसंबर को कांग्रेस के 21 असंतुष्ट विधायकों, भारतीय जनता पार्टी के 11 विधायकों और 2 निर्दलीय सदस्यों ने रेबिया के विरूद्ध महाअभियोग लगाने हेतु प्रस्ताव पारित कर दिया था। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष का पद खाली हो गया था। अरूणाचल प्रदेश विधानसभा के 58 सदस्यीय सदन में 40 विधायकों ने लोवांग का समर्थन भी किया। पुल ने उन्हें अनुभवी व्यक्ति और विधानसभा  की कार्रवाई का जानकार भी कहा।