Volkswagen की धांधली: दुनियाभर में 1.1 करोड़ कारों में फ़र्ज़ी तरीके से कराई प्रदुषण जांच

By Sandeep Meena
Sep 23 2015 02:17 AM
Volkswagen की धांधली:  दुनियाभर में 1.1 करोड़ कारों में फ़र्ज़ी तरीके से कराई प्रदुषण जांच

कैलिफोर्निया: जर्मन कार निर्माता फॉक्सवैगन ने मंगलवार को दुनियाभर के ऑटो सेग्मेंट को हिलाकर रख दिया। कंपनी ने खुद इस बात का खुलासा किया कि उसने पूरी दुनिया में 1 करोड़ 10 लाख डीजल कारों की इमिशन टेस्टिंग (प्रदूषण जांच) में गड़बड़ी कराई थी। कार में ऐसा सॉफ्टवेयर डाला गया, जिसके जरिए इमिशन टेस्ट के सही नतीजे सामने ही नहीं आते थे। फॉक्सवैगन यूएस के सीईअो माइकल हॉर्न ने कहा, हमारी कंपनी ने अमेरिकी एन्वायर्नमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी, कैलिफोर्निया एयर रिर्सोसेज बोर्ड और आप सभी के साथ धोखाधड़ी की।

हम पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। आरोपी साबित होने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने फॉक्सवैगन को निर्देश दिया कि वो अमेरिका से अपनी 5 लाख गाड़ियां रिकॉल करे। वहीं, जर्मन कारमेकर के अनुसार, पूरी के 1 करोड़ 10 लाख इंजन के बेंच टेस्ट रिजल्ट और रोड पर उपयोग के दौरान के परिणामो में काफी फर्क देखने को मिला है। कंपनी ने यह पहली बार स्वीकार किया है कि अमेरिका से बाहर बेची गई डीजल कारों में भी धांधली करने वाला सॉफ्टवेयर पड़ा हुआ है। इससे पहले, कंपनी ने स्वीकार किया था कि इस गड़बड़ी से सिर्फ अमेरिका की 5 लाख कारें ही प्रभावित हैं।

कंपनी ने कहा कि वह इस समस्या वाली कारों की सर्विस के लिए 7.3 बिलियन डॉलर (करीब 46 हजार करोड़) की रकम का इंतजाम अलग से किया है। इससे पहले पूर्व सोमवार को फॉक्सवैगन ने स्वीकार किया था कि उसने लगभग 5 हजार डीजल कारों के लिए यूएस में हुए इमिशन परीक्षण में गड़बड़ी कराई थी। इसके बाद जर्मनी के मेन स्टॉक इंडेक्स DAX में फॉक्सवैगन ने 17 अरब डॉलर यानी 1 लाख करोड़ रुपए गंवा दिए थे। उसके शेयर्स में 18% की गिरावट आ गई थी। शेयर्स 3 वर्षो के सबसे निचले स्तर यानी 132 यूरो पर पहुंच गए थे।