शिलॉन्ग में हिंसा

Jun 04 2018 09:39 AM
शिलॉन्ग में हिंसा

प्रकृति कि गोद में बसे पूर्वोत्तर के शहर शिलॉन्ग में हिंसा बढ़ गई है. शिलॉन्ग के जीएस रोड पर उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों को टारगेट करते हुए पेट्रोल बम और पत्थर फेंके हैं. जवाब में सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट कर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मेघालय में अल्पसंख्यक सिख समुदाय के किसी भी गुरुद्वारे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. कानून और व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और राज्य सरकार स्थिति को सामान्य बनाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है.


एक अधिकारिक प्रवक्ता बताया कि टीम संकटग्रस्त इलाकों में हालात का जायजा लेगी और वहां सिख समुदाय को हर संभव मदद करेगी. मुख्यमंत्री ने टीम को सोमवार की सुबह शिलॉन्ग के लिए रवाना होने को कहा. मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा है कि गुरुवार को हिंसा स्थानीय मुद्दे पर भड़की थी और यह सांप्रदायिक नहीं थी. कर्फ्यू में शनिवार को सात घंटे की ढील दी गई.

दो समुदायों से जुड़ी झड़प के मद्देनजर दिल्ली से शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के एक दल ने मेघालय की राजधानी का दौरा किया है. हिंसा में कम से कम 10 लोग घायल हो गए थे. अधिकारियों ने बताया कि ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन ने सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक कर्फ्यू में ढील देते हुए रविवार की प्रार्थना के लिए लोगों को चर्च जाने की अनुमति दी.

संगमा कहा, 'समस्या एक खास मुद्दे पर स्थानीय स्तर की है. बस ये हुआ कि दो खास समुदाय के लोग इसमें शामिल थे, लेकिन यह सांप्रदायिक नहीं था.' उन्होंने कहा कि कुछ समूहों और राज्य के बाहर के मीडिया के एक धड़े ने इसे सांप्रदायिक रंग दिया. उन्होंने कहा कि हिंसा के मामले में ईस्ट खासी हिल्स जिले के बाहरी इलाके के कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया और कुछ लोगों ने उन्हें शराब और नगदी बांटी थी. शिलॉन्ग ईस्ट खासी हिल्स जिले में आता है. इससे पहले, शिअद की एक टीम ने हिंसा प्रभावित इलाके के बाशिंदों से मुलाकात की. टीम में विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मंजीत सिंह भी थे. शिअद के दल ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की.

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