वो भी हमदर्द है

वो भी हमदर्द है

र्द ही दर्द है वो भी हमदर्द है !
दिल मेरा लहका शोला सा बहका !!
धड़कने बंद है दिल खाक हो गया !
जिगर को है खबर गिरेबां चाक हो गया !!
चाक गिरेबां खाक बसर रहता है खस्तातर !
दिल से लहू यू रिसता है जैसे कोई वा बसता है !!