क्या वर्चुअल रियलिटी तकनीक लगा सकती है यौन उत्पीड़न पर लगाम ?

Sep 04 2018 01:23 PM
क्या वर्चुअल रियलिटी तकनीक लगा सकती है यौन उत्पीड़न पर लगाम ?

वर्चुअल रियलिटी तकनीक के आविष्कार के बाद से पूरी दुनिया में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती हो जा रही है। आमतौर पर इस तकनीक का इस्तेमाल गेम्स खेलने और अन्य मनोरंजन के लिए किया जाता है लेकिन अब इसे सामाजिक मुद्दों को सुलझाने और समाज में फैली बुराइयों को रोकने के लिए भी इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। अब अमेरिका की एक कंपनी वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक का इस्तेमाल यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए भी करने जा रही है। 

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क्या होती है वर्चुअल रियलिटी ?

वर्चुअल रियलिटी एक ऐसी तकनीक है जिसमे अंधेरे स्टूडियो में या किसी ख़ास स्टूडियो में हेडसेट और चश्मा लगाकर आपको किसी ख़ास जगह की तस्वीरें दिखा कर ऐसा एहसास कराया जाता है कि जैसे आप उसी जगह पर मौजूद हो और वहां की हर एक चीज को महसूस कर रहे हो। इस तकनीक को आम तौर पर गेम्स खेलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।  लेकिन अब इससे यौन उत्पीड़न को रोकने के दावे भी किये जाने लगे है। 


वीआर तकनीक से कैसे रोका जायेगा यौन उत्पीड़न 
अमेरिका में  यौन उत्पीड़न के दर्दनाक अनुभव झेलने वाली कुछ महिलाओं ने एक समूह बना कर एक कंपनी खोली है जिसका मकसद वीआर तकनीक से  यौन उत्पीड़न की घटनाओ को रोकना है। इस महिलाओं का मानना है कि किसी भी समस्या की तरह यौन उत्पीड़न के दर्द को समझने का सबसे अच्छा तरीका है कि शख्स को उसी परिस्थिति में डाल दिया जाए। 

दो लेवल का कोर्स तैयार 
इस कंपनी ने लोगों में यौन उत्पीड़न और बलात्कार जैसे घिनोने अपराधों को लेकर सोच बदलने को लेकर वर्चुअल रियलिटी तकनीक से जुड़ा एक दो लेवल का ट्रेनिंग कोर्स तैयार किया है। इस कोर्स के इन अपराधों को लेकर लोगों की सोच बदलने का प्रयास किया जायेगा ताकि इनके मन में कभी ऐसे अपराध को अंजाम देने का ख्याल ना आये। 

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पहले लेवल में पूछे जाते है सोचने को मजबूर करने वाले सवाल 
कंपनी ने इस कोर्स के पहले लेवल में ऐसे सवाल पूछना तय किया है जो व्यक्ति को सोचने पर मजबूर करे और उनकी सोच बदले। इन सवालों में ऐसे सवाल भी है जिसमे पूछा जायेगा कि अगर आपका बॉस देर रात को आपकी महिला साथी को गलत तरीके से पकड़ कर उसे रात की पार्टी में चलने के लिए कहे, तो आप क्या करेंगे ?  क्या आप बॉस के इस बर्ताव को अनदेखा करेंगे या इसका विरोध करेंगे ?


दूसरे चरण में महसूस कराया जाएगा दर्द
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के दूसरे चरण में हिंसक पुरुषों को पीड़िताओं का दर्द महसूस कराया जायेगा। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि एक बार अगर लोग बलात्कार के दौरान पीड़िता का दर्द महसूस कर लेंगे तो फिर उनके मन में ऐसे अपराध करने का ख्याल  दोबारा नहीं  आएगा। 

कितनी गंभीर है यह समस्या 
यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामले भारत समेत पूरी दुनिया में गंभीर समस्या बनते जा रहे है। सयुंक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में कम से कम 50 फीसदी  और अमेरिका में  25 फीसदी से अधिक महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न हो चुका है। 

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