वीरभद्र पर सीबीआई का शिकंजा

शिमला : मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मनी लाॅन्ड्रिंग मामले में फंसते नजर आ रहे है उनके विरूध्द ईडी(प्रवर्तन निदेशालय) ने तीन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कारवाही की । प्राप्त सुत्रों के अनुसार ईडी की यह कारवाही दिल्ली, मुंबई और कोलकाता महानगरो में हुई । ईडी वित मंत्रालय के आधीन काम करता है । ईडी ने आज सुबह छापेमार कारवाही को अंजाम दिया जिसके चलते मुख्यमंत्री वीरभद्र के मंत्रालय से भी अलग-अलग जानकारी जुटाई जा रही है ।

प्राप्त सुत्रों के अनुसार वीरभद्र के सहयोगियों द्वारा कई बिजनेस संस्थाओं से पैसे लेने का आरोप है जिसके चलते कई संस्थाओं पर भी छापेमार कारवाही की गई इसके पहले सितंबर माह में वीरभद्र के सीबीआई ने मामला दर्ज किया था उसके बाद ईडी ने भी बड़ी कारवाही करते हुए मनी लाॅन्डिंªग मामले में वीरभद्र सिंह के खिलाफ प्रिवेंशन आॅफ मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामले को दर्ज कर लिया है जिसके बाद वीरभद्र सरकार मूश्किल में नजर आ रही है

मुख्यमंत्री वीरभद्र की पत्नी व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह सहित अन्य को भी मनी लांन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाया गया है । प्रवर्तन निदेशालय लगातार मुख्यमंत्री के खिलाफ कठौर कारवाही कर रहा है इसके चलते प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग केस के लिए सीबीआई की सितंबर में दर्ज की गयी एफआईआर के दस्तावेजो के आधार पर छापेमार की । वीरभद्र पर आरोप है कि वे फर्जी तरीके से आयकर के रिर्टन दर्ज करवाते है निदेशालय का आरोप है की उनकी संपत्ति अवैध है और उसे वैध साबित करने के लिए वे गलत तरीके से आयकर रिटर्न में फर्जी इंट्री करवाते है ।

मुख्यमंत्री वीरभद्र यूपीए सरकार में केबिनेट  में इस्पात मंत्री थे उनका कार्यकाल 2009 से 2011 तक था, इस दौरान उन्होने 6.3 करोड़ रूपये आय के ज्ञात स्त्रोंतो से भी अधिक अर्जन किया । इस मामले में सीबीआई ने कठौर कारवाही करते हुए सितंबर माह में उनके खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है इसके अलावा शिमला व उनके आसपास के उनके निजी आवासो और दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सहित अन्य 13 अन्य ठिकानों पर छापेमार कारवाही को अंजाम दे चुकी है जिस बाद से ही लगातार मामले और तथ्य उजागर हो रहे है ।

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