विश्व हिंदू परिषद् के संरक्षक अशोक सिंघल की हालत अब भी गंभीर

नई दिल्ली : साँस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल पहुँचे विश्व हिंदू परिषद् के मुखिया अशोक सिंघल की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, निमोनिया के कारण उनके दाहिने फेफड़े में एलर्जी है, जिससे शरीर के कई अंग काम नही कर रहे है। हांलाकि रविवार को उनकी हालत में क्षणिक सुधार दिखाई दिए थे। सोमवार को उनका हाल जानने के लिए योगगुरु रामदेव, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्दोगिकी मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन व साध्वी प्राची समेत कई लोग पहुँचे।

अस्पताल से बाहर आते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि हालात नाजुक है, प्रार्थना करें कि वो स्वस्थ हो जाए। 20 अक्टूबर की रात को सिंघल की तबीयत अचानक उनके घर इलाहाबाद में खराब हो गई थी, जहाँ से उन्हें तुरंत एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के मेदांता अस्पताल लाया गया था। 24 दिन डॉकटरों की देख-रेख में रहने के बाद उन्हें 12 नवंबर को डिस्चार्ज किया गया था। लेकिन 14 नवंबर को उनकी हालत फिर से बिगड़ी, जिस कारण उन्हें पुनः अस्पताल लाया गया।

दूसरी ओर सिंघल की सलामती के लिए देश से लेकर विदेशों तक में हवन व पूजा पाठ हो रहे है। रविवार की सुबह से ही यूके, ऑकलैंड, अमेरिका, नेपाल, मॉरीशस, अफ्रीका सहित कई देशों में हवन-पूजन चल रहा है। कैलिफोर्निया में रह रहे लोगों ने महामृत्युंजय जाप शुरू कर दिया है तो वही हालैंड में सैकड़ों प्रवासी भारतीयों ने हवन व सुंदरकांड का पाठ आरंभ कर सिंघल के जल्द स्वस्थ्य होने की प्रार्थना की है।

नेपाल में उनके कई समर्थकों ने महामृत्युंजय जाप शुरू किया, जो पांच दिनों तक चलेगा। दक्षिण अफ्रीका में भी हवन पूजन का कार्यक्रम चल रहा है। इलाहाबाद स्थित सिंघल के महावीर व केशर भवन में वेदाचार्यों ने हवन-पूजन शुरू कर दिया है। आचार्य मोहित पांडेय का कहना है कि उनके स्वस्थ होने तक हवन चलता रहेगा।

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