वसुंधरा राजे के अनुसार बंटे राजस्थान के टिकिट!

Nov 13 2018 08:00 PM
वसुंधरा राजे के अनुसार बंटे राजस्थान के टिकिट!

राजस्थान में आगामी 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव होना है। इन चुनावों के मद्देनजर बीजेपी ने राजस्थान की 200 सीटों में से 131 पर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस  लिस्ट में 85 मौजूदा विधायकों को फिर से टिकिट दिया गया है। ​लिस्ट  देखकर लगता है कि टिकिट बंटवारे में केंद्रीय अलाकमान के सामने सीएम वसुंधरा राजे भारी पड़ीं और उनकी मर्जी से ही टिकिट बांटे गए। ऐसी चर्चा है कि टिकिट बंटवारे में वसुंधरा राजे की ही चली और उन्होंने अपने चहेतों को टिकिट देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर दवाब भी डाला। 

कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे चाहती थीं कि जिन विधायकों के दम पर बीजेपी 2013 में राजस्थान की सत्ता में आई, उन्हें टिकिट जरूर दिया जाए, जबकि केंद्रीय नेतृत्व  सत्ता विरोधी लहर की खबरों के बीच कई विधायकों को टिकिट काटना चाहता था। लेकिन सीएम वसुंधरा राजे के सामने उनकी नहीं चली और जो विधायक हर वक्त   राजे के साथ खड़े रहे, चाहे वह केंद्रीय नेतृत्व से राजे  के विवाद की स्थिति हो या फिर चुनाव,  राजे उन्हें टिकिट दिलवाने में सफल रहीं। 

दरअसल, राजे का केंद्रीय नेतृत्व से पहले भी टकराव हो चुका है। उपचुनाव के तुरंत बाद हार की ​जिम्मेदारी लेते हुए तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने इस्तीफा दे दिया था। केंद्रीय नेतृत्व उनकी जगह गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहता था, लेकिन राजे ने उनका विरोध किया और अपने प्रिय मदन लाल सैनी को अध्यक्ष बनवाया। 

खैर वसुंधरा राजे भले ही अपने चहेतों को टिकिट दिलाने में कामयाब रही हों, लेकिन उनके  सामने चुनौतियां काफी ज्यादा है। इस साल की शुरुआत में राजस्थान में  अजमेर, अलवर लोकसभा उपचुनावों में बीजेपी हार गई थी। इसके साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि बीजेपी राजस्थान में इस बार हार सकती है यानी कहा जा सकता है कि इस बार के चुनाव में वसुंधरा राजे को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिनसे निपटना उनके लिए आसान नहीं होगा। 

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