वाराणसी विश्वविद्यालय ने हिंदू अध्ययन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम किया शुरू

वाराणसी का संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय चालू सत्र से हिंदू अध्ययन में दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के साथ यह विश्वविद्यालय भारत का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जो इसी तरह का पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है।

एसएसयू के कुलपति प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि एमए हिंदू अध्ययन के पाठ्यक्रम को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। प्रोफेसर त्रिपाठी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर डीपी सिंह ने वेदांत, भारतीय दर्शन, वेद, शास्त्रार्थ, ज्ञान मीमांसा, रामायण, महाभारत, हिंदू कला और भाषा जैसे विषयों को शामिल करने वाले पाठ्यक्रम को मौखिक स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि कई धर्मों का तुलनात्मक अध्ययन और पश्चिमी और भारतीय दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन भी इसका हिस्सा है।"

प्रोफेसर त्रिपाठी ने कहा इस पाठ्यक्रम के लिए एक नया विभाग स्थापित किया जाएगा। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्रता स्नातक होगी। एसएसयू के जनसंपर्क अधिकारी शशिंद्र मिश्रा ने कहा, “दो वर्षीय एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए हाल ही में यूजीसी अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक वेबिनार का आयोजन किया गया था। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर वीके शुक्ला ने पूरे पाठ्यक्रम के संबंध में एक प्रस्तुति दी। वेबिनार में एसएसयू के वीसी प्रोफेसर त्रिपाठी भी शामिल हुए।

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