ज्ञानवापी केस: कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष पर लगाया जुर्माना, बार-बार कर रहे थे ये मांग

लखनऊ: वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से लगी ज्ञानवापी मस्जिद और श्रंगार गौरी मामले की सुनवाई जिला न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट में गुरुवार को हुई। इस दौरान एक बार फिर मुस्लिम पक्ष प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया की तरफ से अगली तारीख की मांग की गई। कोर्ट ने लगातार तीसरी बार तारीख मांगने के लिए मुस्लिम पक्ष पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया और अगली सुनवाई के लिए 22 अगस्त की तारीख तय कर दी। इसके साथ ही कोर्ट ने चेतावनी भी दी कि नियत तिथि पर सुनवाई आरम्भ होगी और अब कोई तारीख नहीं बढ़ाई जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष सिविल जज (सीनियर डिविजन) की कोर्ट में शृंगार गौरी के दर्शन-पूजन व ज्ञानवापी को हिन्दुओं को सौंपने सम्बंधी मांग को लेकर वादी राखी सिंह समेत पांच महिलाओं ने याचिका दाखिल की थी। प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने आवेदन देकर वाद की मेरिट पर सवाल खड़े किए थे। कोर्ट ने प्रतिवादी की अर्जी को दरकिनार कर, ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराया था और रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मुस्लिम पक्ष की विशेष अनुमति याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 

बता दें कि 26 मई से शुरू सुनवाई में चार तिथि पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की तरफ से सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 07 नियम 11 (मेरिट) के तहत मामले को खारिज करके लिए बहस की गई। इसके बाद वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन व अन्य ने बहस की। 

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