VANPIC प्रोजक्ट घोटाला: आंध्र प्रदेश के CM जगन मोहन को CBI-ED कोर्ट में पेश होने के आदेश

हैदराबाद: CBI और ED कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी और अन्य को VANPIC मामले में समन भेजा है, यानी कि अदालत में पेश होने के लिए कहा है. इन सभी को 22 सितंबर को अदालत में पेश होना है. अदालत ने सभी प्रतिवादियों को कोर्ट में हाजिर होने को कहा है. जिसमें YSR कांग्रेस के चीफ वाई एस जगनमोहन रेड्डी, राज्यसभा सदस्य विजयसाई रेड्डी, राज्यसभा सांसद मोपीदेवी वेंकट रामन, MLA धर्मना प्रसाद राव का नाम शामिल हैं.

इसके साथ ही अदालत ने उद्योगपति निम्मगड्डा प्रसाद और निम्मगड्डा प्रकाश को भी समन जारी किया है. VANPIC प्रोजेक्ट्स प्रा लि, जगति प्रकाशन प्रा लि, रघुराम सीमेंट कॉरपोरेशन प्रा लि और भारती सीमेंट कारपोरेशन प्रा लि का भी नाम इस मामले में है. इन पर भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाये गए हैं. यह मामला VANPIC प्रोजेक्ट को लेकर है, जिसके प्रमोटर उद्योगपति निम्मगड्डा प्रसाद ने जगन की कंपनियों में कथित रूप से 854 करोड़ रूपये निवेश किए थे. कहा जाता है कि इसके बदले में दिवंगत वाई एस राजशेखर रेड्डी की अगुवाई वाली तत्कालीन राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट के ठेके दिये थे.

वर्ष 2004 से 2009 के बीच तत्कालीन YSR सरकार में धरमाना राजस्व मंत्री थे. यही वह वक़्त था जब VANPIC प्रोजक्ट अस्तित्व में आया. आरोप है कि वर्ष 2008-09 में राजस्व मंत्री रहते हुए धरमाना प्रसाद राव ने VANPIC परियोजना वाली भूमि के लिए बाजार की कम दर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और एक अन्य आरोपी निम्मगड्डा प्रसाद के साथ मिल कर काम किया.

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