विश्व धरोहर फूलों की घाटी में खिलने लगे फूल

May 31 2020 06:22 PM
विश्व धरोहर फूलों की घाटी में खिलने लगे फूल

विश्व धरोहर फूलों की घाटी में फूल खिलने शुरू हो गए हैं। फूलों की घाटी के करीब दो किलोमीटर तक बर्फ हटाने के बाद नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की ओर से घाटी तक ट्रेक आवाजाही के लिए खोल दिया है। एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। घाटी का निरीक्षण कर लौटे दल ने वहां की स्थिति बताई।घाटी के निरीक्षण के बाद जोशीमठ पहुंचे नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के सात सदस्यीय दल में शामिल वन दरोगा दिनेश लाल ने बताया कि फूलों की घाटी के निचले हिस्से में बर्फ पिघलने के बाद फूलों का खिलना शुरू हो गया है। यहां उच्च हिमालयी चोटियां बर्फ से आच्छादित हैं और घाटी की तलहटी में फूलों की कतार लगी हुई है।

हालांकि अभी सिर्फ एनीमोन और प्रिमुला प्रजाति के पुष्प ही खिले हैं। फूलों की घाटी के भ्रमण के लिए जुलाई, अगस्त व सितंबर के महीनों को सर्वोत्तम माना जाता है। सितंबर में यहां ब्रह्मकमल भी खिलते हैं।अभी लॉकडाउन के कारण घाटी में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक है, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद घाटी में पर्यटकों को जाने दिया जाएगा। घाटी के निरीक्षण के दौरान अनूप कुमार, मनमोहन भंडारी, गुलाब सिंह और गजे सिंह भी मौजूद थे।हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के अंतिम यात्रा पड़ाव घांघरिया में अवैध रुप से निर्मित भवन व छानियों को नंदा देवी राष्ट्रीय वन प्रभाग ने ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरु कर दी है।

पार्क प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट व पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दस जून से निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। वन प्रभाग की ओर से न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है। वन प्रभाग निर्माण को ध्वस्त करने में आने वाले खर्चे को संबंधित व्यक्ति से वसूलेगा।बीते वर्ष घांघरिया में वन अधिकारियों ने आरक्षित वन क्षेत्र के 2.102 हेक्टेयर पर अवैध रुप से किए गए निर्माण कार्य को चिन्हित किया। तब न्यायालय के आदेश पर नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन प्रभाग ने वर्ष 2019 के नवंबर माह में संबंधित लोगों को शीघ्र अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन छह माह बीत जाने पर भी इस ओर कोई कार्रवाई न होने पर अब वन प्रभाग ने स्वयं ही अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरु कर दी गई है।

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