उत्तराखंड के इन इलाकों में आज साफ़ रहेगा मौसम

देहरादून: कोरोना के बीच भरे बारिश ने उत्तराखंड में समस्यां और अधिक बढ़ा दी है इस बीच राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में मंगलवार को प्रातः से ही मौसम साफ बना हुआ है। मंगलवार को नैनीताल की ठंडी सड़क पर फिर से भूस्खलन हो गया है। जिससे यहां रास्ता बंद हो गया है। इस भूस्खलन से कुमाऊं विवि के महिला छात्रावास पर भी संकट आ गया है। जान की परवाह किए बिना लोग भूस्खलन के मलबे से निकल रहे हैं। 

वहीं धारचूला के जुम्मा गांव में रविवार की रात हुई सर्वाधिक वर्षा ने खूब कहर बरपाया। अतिवृष्टि से जामुनी एवं नालपोली तोक में सात मकान जमींदोज हो गए। मलबे में तीन बहनों एवं उनके चाचा-चाची सहित 7 लोग दब गए। इनमें से तीनों बहनों एवं दो महिलाओं की लाश जब्त कर ली गई हैं, जबकि दंपती (तीनों बहनों के चाचा-चाची) गुमशुदा हैं। दोनों गुमशुदा की तलाशी जारी है। घटना में जुम्मा गांव के चार व्यक्ति घायल हुए हैं।

इसके साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी सहित प्रदेश के कई जिलों में इस वर्ष बादल फटने से बेशक भारी तबाही हुई, किन्तु दो जिलों को छोड़कर राज्य में सामान्य से कम वर्षा हुई है। केवल बागेश्वर और चमोली जिले ऐसे रहे जहां सामान्य से ज्यादा वर्षा हुई। बागेश्वर में 154 फीसदी एवं चमोली में 54 फीसदी ज्यादा वर्षा हुई। विशेष बात यह भी रही कि यहां वर्षा से हानि अन्य जिलों के मुकाबले बहुत कम रही। 

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