लोकसभा चुनाव: छोटी पार्टियों के साथ यूपी में अपना जनाधार बना रही कांग्रेस

लोकसभा चुनाव: छोटी पार्टियों के साथ यूपी में अपना जनाधार बना रही कांग्रेस

लखनऊ: सपा और बसपा ने अपने गठबंधन को मजबूती देते हुए रैलियों का भी ऐलान कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी सहयोगी पार्टियों से सीटों के विभाजन पर बात फाइनल कर ली है. इसके बाद कांग्रेस भी अपने गठबंधन को मजबूत करने में जुट गई है. उत्तर प्रदेश में अपने-अपने गठबंधन को सशक्त करने की कोशिशें चरम पर है.

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शनिवार शाम अपना दल (कृष्णा गुट) ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया, जिसमें उन्हें 2 सीटें दी गई हैं. इस गठबंधन के बाद बस्ती और पीलीभीत की सीटें अपना दल (कृष्णा गुट) के खाते में आई हैं, जबकि अपना दल (कृष्णा गुट ) की मुखिया कृष्णा पटेल के दामाद और पल्लवी पटेल के पति पंकज चंदेल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं. पार्टियों के इन प्रयासों से साफ है अपने-अपने गठबंधन की किलेबंदी आरम्भ हो चुकी है. कांग्रेस, महान दल और अपना दल (कृष्णा गुट) के साथ औपचारिक गठबंधन में है जबकि पीस पार्टी जैसे छोटे राजनितिक दल भी कांग्रेस को समर्थन का ऐलान कर सकती हैं.

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एक तरफ भाजपा का अपना दल (सोनेलाल) और ओमप्रकाश राजभर के सियासी दल सुहेलदेव भारत समाज पार्टी से गठबंधन है तो दूसरी ओर सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन है जिसमें निषाद पार्टी भी शामिल हो गई है. शिवपाल यादव को लेकर अभी तक कांग्रेस का रुख  स्पष्ट नहीं है. कांग्रेस का एक दल शिवपाल यादव को गठबंधन में रखना चाहता है जबकि दूसरा दल शिवपाल यादव को लेकर अखिलेश यादव को खफा नहीं करना चाहता क्योंकि चुनाव संपन्न के बाद के हालात के लिए कांग्रेस अपने दरवाजे खुले रखना चाहता है.

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