जहर से भी खतरनाक है फलों में रसायन का प्रयोग

फलों को पकाने के लिए कीटनाशकों व रसायनों का उपयोग उनमे जहर मिलाने के सामान है. ऐसा करने वालो पर सख्त कार्यवाही की जाएगी. कोर्ट ने ये टिप्पणी अदालत ने फल व सब्जियों में कीटनाशकों के प्रयोग पर निगरानी से सम्बन्ध में कहा है. लोगो ज्यादा मुनाफे कमाने के लिए आम एवं अन्य फलों को पकाने के लिए कई तरह के कैल्शियम कारबाइड का उपयोग करते है. और इसका प्रयोग जहर देने के सामान है. यदि लोगों को दो दिन के लिए भी जेल जाने का दंड दिया जाये तो लगता है लोग इसे गंभीरता से लेंगे और इसका लोगो पर असर पड़ेगा.

इस जनहित याचिका की शुरुआत कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए की थी। जब न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी व एजे भंबानी की खंडपीठ ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथोरिटी ऑफ इंडिया से ये सवाल पूछा गया कि क्या आम को पकाने के लिए अब भी कैल्शियम कारबाइड का प्रयोग किया जा रहा है.? तब कोर्ट ने अथोरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आगे की तारीख पर उपस्थित रहने का निर्देश दिए है. कृषि मंत्रालय से पूछा गया कि क्या कोई तरीका है? जिससे ये पता लगाया जा सके की घर पर फलों में कैल्शियम कारबाइड है या नहीं ,

इसपर मंत्रालय ने जवाब दिया की ऐसी कोई किट नहीं है. जिसमें फलो में केमिकल का पता लगाया जा सके यह सिर्फ प्रयोगशाला में ही संभव है. कोर्ट ने ही शुरू की गई जनहित याचिका के में दो अन्य लोगों की उन याचिकाओं पर भी सुनवाई कर रहा है इसमें खाद्य पदार्थ पर निरिक्षण के लिए कृषि उत्पादों पर कीटनाशकों व रसायनों के प्रयोग पर नियंत्रण लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है।

कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि इसके लिए हमारे संविधान में नियम किये जायेंगे ताकि लोगो की बीच इस तरह मामलो पर रोक लगाई जा सके. और इसको लेकर कई कदम उठाने पर भी विचार करेगी.

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