अमेरिकी फैसले की हो रही चौतरफा निंदा

जब से अमेरिका ने यरूशलम को इसराइल की राजधानी मानने और अमरीकी दूतावास को यरूशलम ले जाने का फ़ैसला किया है, तब से इस फ़ैसले की चारों तरफ़ निंदा हो रही है. इसराइली कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में हिंसक झड़पों की भी खबर है. वहीँ दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रतिनिधि निक्की हेली ने उल्टे यूएन को ही इसराइल के प्रति शत्रुता रखने का आरोप लगाते हुए यरूशलम हिंसा का दोष यूएन पर मढ़ दिया.

आपको बता दें कि अमेरिका ने इसराइल और फ़लस्तीनी प्रशासन के बीच शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र को ज़िम्मेदार ठहरा दिया. अमेरिका के इस फ़ैसले के बाद निक्की हेली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक को संबोधित कर रही थीं. जबकि दूसरी ओर इसराइली कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में हिंसक झड़पे भी हुई हैं. फ़लस्तीनी सेना ने इसराइली इलाक़ों में रॉकेट दागे, जिसके जवाब में इसराइल ने भी गाज़ा पट्टी में हवाई हमले किए जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ट्रंप के इस फ़ैसले के बाद से ही पूरे मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है. इसराइल लंबे समय से यरूशलम को अपनी राजधानी बताता रहा है, जबकि निक्की हेली ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक में कहा, कि यरूशलम ही इसराइल की राजधानी है और अमेरिका शांति समझौते को मानने के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं दूसरी ओर फ़लस्तीनी प्रतिनिधि रियाद मंसूर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के फ़ैसले ने यह साबित कर दिया है कि अमरीका को अब शांति के प्रस्तावक के रूप में नहीं देखा जा सकता.

यह भी देखें

येरुशलम मुद्दे पर यूएनएससी की आपात बैठक आज

येरुशलम को इजरायल की राजधानी बनाने पर भारत का बयान

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -