UPSC IAS : इंटरव्यू देते समय रखे इन बातो का ध्यान, वरना हो सकता है नुक्सान

UPSC IAS : इंटरव्यू देते समय रखे इन बातो का ध्यान, वरना हो सकता है नुक्सान

इंटरव्य में सफल होने के लिए इंटरव्यू को एक अलग नजरिए से देखना बेहद जरूरी हो जाता है। वही इंटरव्यू से पहले उसकी अच्छे से तैयारी करें और आत्म विश्लेषण इंटरव्यू की मदद से आत्मविश्वास को बढ़ाएं| वही आईएएस ऑफिसर बनने के लिए इंटरव्यू चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ आवश्यक भी है। वही  इसमें आपकी पर्सनालिटी, कम्युनिकेशन स्किल, चाल-ढाल (बॉडी लैंगवेज) और फैसला लेने की काबिलियत के साथ कई और चीजों के आधार पर आपका चुनाव किया जा सकता है । वही इसलिए इंटरव्यू में सफल होने के लिए इंटरव्यू को एक अलग नजरिए से देखना चाहिए। इंटरव्यू से पहले उसकी अच्छे से तैयारी कर लें और मॉक इंटरव्यू की मदद से अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है । इसके अलावा इटरव्यू के दौरान क्या करना चाहिए सिविल सेवा परीक्षा के इस चरण में आने के बाद उम्मीदवारों को कुछ नियमों का पालन करने की सख्त आवश्यकता होती है | 

कम शब्दों में ज्यादा बोलें : 
यूपीएससी का इंटरव्यू ले रहा पैनल एक ऐसे शख्स की तलाश कर रहा होता है जो आत्मविश्वास से भरे होने के साथ एक टीम प्लेयर भी हो। अपने जवाबों की मदद से उन्हें यह समझाने की कोशिश कर सकते है कि आप इस ओहदे को संभालने की पूरी काबिलियत रखते हैं। आपसे जो भी पूछा जाए, उसपर खुलकर अपने विचारों को रखें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि बहुत अधिक न बोलें। अपनी बात को ठोस तरीके से कम शब्दों में खत्म करने की कोशिश करें। 

आत्मविश्वास : 
सिविल सेवा का इंटरव्यू एक सामान्य इंटरव्यू से बहुत अलग होता है। आपकी मंजिल तक पहुंचने के लिए यह एक आखरी चरण होता है, जाहिर है यह कितना मुश्किल होगा। पूरे आत्मविश्वास के साथ इंटरव्यू को पूरा कर इसे हमेशा के लिए यादगार बना दें। अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें और बिल्कुल भी डरें नहीं। इंटरव्यू ले रहे पैनल के साथ आई कॉन्टेक्ट बनाकर रखें। ताकि वे यह समझ जाएं कि आप चर्चा में पूरी तरह से भाग ले रहे हैं। 

अपनी शानदार पर्सनालिटी को दर्शाएं : 
पैनल एक बुद्धिमान और स्मार्ट एडमिनिस्ट्रेटर की तलाश में होता है, इसलिए वे इसी की उम्मीद लगाते हैं कि आप कुछ बेहतरीन करने वाले हैं और हर सवाल का जवाब बहुत अच्छी तरह से देंगे। वही इस मौके का पूरा फायदा उठाएं और अपनी शानदार पर्सनालिटी को दिखाने में बिल्कुल झिझक न महसूस करें। कठिन सवालों से बिल्कुल भी परेशान न हों या आपा न खोएं और अपने विचारों को शांति व प्यार से रखें। उन्हें जताएं कि आप सभी की स्थिति को अच्छे से समझते हैं, आप लोगों को साथ लेकर चलने की काबिलियत रखते हैं और सही फैसले लेते हैं।

1. जल्दबाजी न करें :  आप जहां पहुंच गए हैं, वहां तक पहुंचने का सपना लाखों लोग देखते हैं। इसलिए इस बात को सोचकर खुद का सम्मान करें और स्थिति को देखकर हड़बड़ाएं नहीं बल्कि उसका डटकर सामना करें। यदि आप गलत साबित हो जाते हैं तो उसके बाद न ही खबराएं और न ही परेशान हों। 2. ओवर कॉन्फिडेंस असफलता का कारण : पैनल अपने क्षेत्र में एक लंबा अनुभव रखता है इसलिए उनके सामने ओवर कॉन्फिडेंट होने की गलती बिल्कुल न करें। अपने विचारों को आराम से व्यक्त करें लेकिन खुद को सही साबित करने के लिए बहस न करें। 3. अस्थिरता : यदि आपको एक जगह स्थिर होकर बैठने की आदत नहीं है तो यह समझ लीजिए कि पैनल आपकी इस हरकत को बिल्कुल नहीं पसंद करेगा। इसलिए अपने हाथों, कपड़ों, रुमाल आदि किसी भी चीज से खेलने की गलती बिल्कुल न करें। शांत और गंभीरता का स्वभाव बनाएं रखें। 
 
भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी ने ईडीआईआई - अहमदाबाद के सहयोग से उद्यमिता जागरूकता शिविर का आयोजन किया

नामी स्कूल में स्मार्ट क्लास बोलकर चल रहा था पोर्न का खेल

सा रे गा मा पा केरलम में होगा बैटल राउंड