यूपी उपचुनाव: 28 साल बाद मुरझाया कमल, फूलपुर में भी दौड़ी साइकिल

यूपी उपचुनाव: 28 साल बाद मुरझाया कमल, फूलपुर में भी दौड़ी साइकिल

उत्तर प्रदेश में बुआ-भतीजा की राजनीति ने कमल को सिरे से ख़ारिज कर दिया है, यूपी की दो लोकसभा चुनावों में आए नतीजों में दोनों सीटों पर सपा के उम्मीदवारों ने भाजपा को हराकर सीटों पर कब्जा कर लिया है. गोरखपुर जिसे योगी के गढ़ के नाम से जाना जाता है, वहीं फूलपुर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का गढ़ है. दोनों सीटों पर सपा की जीत ने भाजपा को कहीं न कहीं गहरे संकट में डाल दिया है.

चूँकि चुनावों से ठीक पहले सपा-बसपा में एक अस्थाई गठबंठन देखने को मिला, जिसे कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया, इसी का नतीजा था कि भाजपा को अपनी दोनों सीट गंवानी पड़ी. समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद ने 21,961 वोटों  से भारतीय जनता पार्टी के उपेंद्र दत्त शुक्ल को हरा दिया है. चुनाव आयोग के मुताबिक़, समाजवादी पार्टी को 4,56,437 वोट मिले और भारतीय जनता पार्टी को 4,34,476 मिले.

वहीं बात अगर फूलपुर उपचुनाव के परिणामों की करे तो यहाँ भी भाजपा के कौशलेंद्र पटेल को सपा के नागेंद्र पटेल ने 59613 मतों से हरा दिया. यह भी भाजपा का अहम गढ़ माना जाता है, ऐसे में भाजपा के लिए यह दो सीटों की हार, दरअसल हार नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की साख का सवाल है. 

उपचुनाव परिणाम: 28 साल बाद हार पर योगी का बयान

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