उम्र गुजर जाती है

म्र गुजर जाती है इंसान को समझने में! 
जिन्दगी थक जाती है जहाँन को समझने में!
खो जाती हैं लहरों में कश्तियाँ इरादों की, 
डूबता है काफिला तूफान को समझने में!

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