महिलाओं में होने वाले ब्रैस्ट कैंसर के प्रकार व इससे बचने के उपाय

महिलाओं की बॉडी बहुत स्ट्रांग होती है। महिला एक बच्चे को जन्म देने से लेकर उसका पालन पोषण करती है। वही अगर महिला जॉब करती है तो भी वह पुरे घर से लेकर जॉब तक का ध्यान रखती है। वही महिलाओं के शरीर में बहुत से बदलाव होते है और कई बार वो बदलाव बीमारी का रूप लें लेते है। उन्ही में से एक है ब्रैस्ट कैंसर।  ब्रैस्ट कैंसर की शुरुआत तब होती है जब महिलाओं की कोशिकाएं ज़रूरत से ज्यादा बढ़ने लगती है। यह कोशिकाएं जब बड़ जाती है तब यह एक ट्यूमर का रूप ले लेती है। जिसे x-रे में देखा भी जा सकता है। ब्रैस्ट कैंसर अधिकतर महिलाओ में होता है पर पुरुष भी कभी-कभी इसका शिकार बन जाते है। सीधे शब्दों में समझे तो ब्रैस्ट पर किसी भी प्रकार की गांठ होना या सूजन आना ब्रैस्ट कैंसर के लक्षण है। अगर आप भी इनमे से किसी बीमारी से जूझ रहे है तो, आपको डॉ. की सलाह लेना बहुत ज़रूरी है और ऐसे लक्षण पाए जाने पर आपको डॉ. से संपर्क करना बहुत ज़रूरी होता है। कई बार महिलाए इस बीमारी को परख नहीं पाती है। वे आमतौर पर इसे नज़र अंदाज़ कर देती है उन्हें इस बारे में पता ही नहीं चलता की आख़िर वो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जूझ रही है।

स्तन कैंसर के प्रकार -

इनवेसिव डक्टल कार्सिनोमा - इसमें स्तन के टिशू के अन्य भागो में कैंसर कोशिकाएं मिल्‍क डक्टस् में बाहर व‍िकसित होती हैं। इन्वेसिव कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकती हैं। महिलाओं में 80 फीसदी ब्रेस्ट कैंसर इन्वेसिव डक्टल कार्सिनोमा के कारण होता है। इस प्रकार का कैंसर डक्ट वॉल से होते हुए ब्रेस्ट के चर्बी वाले हिस्से तक फैल जाता है। ब्रेस्ट कैंसर का यह प्रकार मिल्क डक्टस् में विकसित होता है। 

इन्वेसिव लोब्युलर कार्सिनोमा - कैंसर कोशिकाएं लोब्यूल्स से स्तन के ऊतकों तक फैलती हैं । ये इन्वेसिव कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकती हैं।

इंफ्लेमेंटरी ब्रैस्ट कैंसर - इस प्रकार का कैंसर बहुत ही कम होता है वही इसका इलाज भी बहुत कठिन होता है। यह कैंसर शरीर में बहुत तेज़ी से फैलता है जिससे महिलाओ में मौत का खतरा भी रहता है। 

पेजेट्स डिजीज - यह कैंसर निपल के आस पास शुरू होता है।  जिससे निप्पल का चारो और का हिस्सा काला पड़ने लग जाता है। पेजेट्स डिजीज की समस्या उन महिलाओ में अधिक होती है जिन्हे ब्रैस्ट से जुडी समस्या रहती है। यह ब्रैस्ट कैंसर 5 फीसदी से भी कम होता है। 

ब्रेस्ट कैंसर से केसे बचे 

➜ नियमित तोर पर व्यायाम करे या शारीरक एक्ससरसाइस करे।   

➜ ध्रूमपान और शरााब का सेवन करने से बचे।  

➜ 35 साल के बाद गर्भनिरोधक गोलिया ना खाए।  

➜ पौष्टिक आहार का सेवन करे।

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