दो पहिया वाहनों के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ा

दो पहिया वाहनों के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ा

दो पहिया वाहनों के मामले में भारत नंबर वन देश बन गया है। भारत ने चीन को भी पछाड़ दिया है। 2016 में भारत में कुल 17.7 मिलियन दो पहिया वाहन बेचे गए। बता दें कि भारत में रोजाना 48 हजार टू व्हीलर गाड़ियां बेची जाती है।

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) की इंडस्ट्रियल बॉडी और चीन एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स के आंकड़ों से यह बात सामने आी है। आंकड़ो के मुताबिक पड़ोसी देश चीन ने 16.8 मिलियन यूनिट वाहन ही बेचे।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बुनियादी सुविधाओं के अलावा शहरी क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों के बिकने का एक कारण महिलाओं की सहभागिता भी है। महिलाओं के लिए हीरो होंडा का गियरलेस स्कूटर चलाना आसान होता है।

शहरों में महिलाओं की भागीदारी 35 फीसदी है, जो केवल गियरलेस स्कूटर चलाती है। चीन में गिरती बिक्री के कई कारण है, जैसे कार की बिक्री में तेजी से बढ़ोतरी और शीर्ष शहरों में पेट्रोल के दो पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगना।

सिआम के उप-डीजी सुगातो सेन का कहना है कि चीनी बाजार कुछ साल में 25 मिलियन या इससे ज्यादा के ऊंचे स्तर से नीचे आ चुका है। हालांकि चीन में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। इस मामले में इंडोनेशिया तीसरे पायदान पर है।

जहां प्रति माह 6 मलियिन यूनिट वाहन की बिक्री होती है। आयशर मोटर्स के सीईओ सिद्धार्त लाल ने बताया कि पिछले कुछ सालों में भारत एक ऐसा बाजार बनकर उभरा है, जहां दोपहिया वाहनों की मांग बढ़ रही है। साथ ही इसकी उत्पादन क्षमता भी बढ़ रही है।

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