प्रेगनेंसी के दौरान हल्दी का अधिक सेवन हो सकता है miscarriage का कारण

प्रेगनेंसी के दौरान हल्दी का अधिक सेवन हो सकता है miscarriage का कारण

प्रेग्नन्सी के दौरान आपको कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है. खाने पीने से लेकर उठने बैठने तक का ध्यान आपको बड़ी ही सावधानी से रखना पड़ता है. ऐसे ही अगर आप प्रेगनेंसी में हल्दी का इस्तेमाल करती हैं तो उसे कम कर दें, ये आपके लिए घातक भी हो सकता है. हल्दी न सिर्फ इम्यूनिटी को बढ़ाती है बल्कि जोड़ों का दर्द, पाचन से जुड़ी दिक्कतें, बढ़ा हुआ कलेस्ट्रॉल, सिरदर्द, कैंसर, सर्दी-जुकाम और डायबीटीज को भी रोकने में मदद करती है. इसके अलावा हल्दी में मौजूद करक्यूमिन, प्रेग्नेंट महिलाओं में कई तरह की समस्याएं  बढ़ा सकता है. जानिए इसके बारे में. 
 
हल्दी वाले सप्लिमेंट्स और कैप्सूल का सेवन ना करें 
एक्सपर्ट्स की मानें तो बेहद कम मात्रा में अगर खाने के दौरान हल्दी का सेवन किया जाए तो यह पूरी तरह से सुरक्षित है. लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान अगर कोई महिला हल्दी वाले सप्लिमेंट्स और कैप्सूल का इस्तेमाल करती है तो करक्यूमिन की अधिक मात्रा की वजह से प्रेग्नेंसी से जुड़ी कई कॉम्प्लिकेशन्स हो सकती हैं. इससे प्रीमच्योर बर्थ और मिसकैरेज का खतरा रहता है. 

हल्दी के प्रति सेंसेटिव हो सकते हैं आप 
इसके अलावा हल्दी की अधिक मात्रा खून को पतला और ऐसिड ब्लॉक करने वाली दवाइयों के काम में दखलअंदाजी भी कर सकती है. हो सकता है कि आप कई दूसरे खाद्य पदार्थों की ही तरह हल्दी के प्रति भी सेसेंटिव हों. अगर हल्दी का सेवन करने के बाद आपको सिरदर्द या शरीर पर किसी तरह का रैशेज नजर आए तो इसका मतलब है कि हल्दी का सेवन आपके लिए ठीक नहीं है. ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान हल्दी और करक्यूमिन कैप्सूल का सेवन बंद कर दें. 

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