तुम न हँसना न मुस्कुराना

ओ हम लड़ेँ
अबोला किए रहेँ
बातेँ बंद करेँ
बिल्कुल न देखेँ 
एक-दूजे की तरफ,
मन करे तब भी नहीं
तुम न हँसना न मुस्कुराना
कनखियोँ से भी
मत देखना मेरी तरफ
देखना है कब तक 
रह सकते हैँ हम
एक-दूजे मेँ घुले बिना
ये एक खेल है "प्राची"
ये याद रखना और इसे
कभी सच मत होने देना प्रिये।।

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