त्रिशूल पर टिकी है भगवान् शिव की ये नगरी

काशी को भगवान शिव की सबसे प्रिय नगरी कहा जाता है। और काशी विश्वनाथ मंदिर होने के कारण आज ये पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, जिसका वर्णन कई ग्रंथो, पुराणों में किया गया है, और लोगो का तो ये भी मानना है की जिसकी मृत्यु कशी में होती है उसे सीधे स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

लेकिन ऐसी और भी कई मान्यताये और रहस्य है जो इसे खास बनाते है और जिसके बारे में शायद आपको पता नहीं है ,

आज हम आपको काशी से जुड़े ऐसे ही कुछ रहस्य के बारे में बताने जा रहे है-

1- त्रिशूल पर टिकी है काशी-

ऐसी मान्यता है की काशी भगवान् शिव के तेज़ से बसाया हुआ नगर है इसलिए,इसे भगवान् शिव का स्वरूप माना जाता है। कई ग्रंथों में काशी को शिव की नगरी के नाम से भी पुकारा गया है। प्रलय के समय भगवान शिव ने अपना त्रिशूल टिका कर इस नगर की रक्षा की थी.

2- औरंगजेब ने नष्ट कर दिया था प्राचीन काशी मंदिर को-

ऐसा कहा गया है की जिस प्राचीन मंदिर को हम देख रहे है यह वास्तविक मंदिर नहीं है क्योकि काशी मंदिर का इतिहास कई साल पुराना है इसे औरंगजेब ने बर्बाद कर दिया था,लेकिन बाद में फिर से इस मंदिर का निर्माडकरवाया गया.

3- छत्र के दर्शन मात्र से पूरी होती है हर मनोकामना.

मंदिर के ऊपर सोने का एक छत्र बनाया गया है और ऐसा कहा जाता है की छत्र को चुने मात्र से इंसान की साड़ी मनोकामना पूरी हो जाती है.

4- इन्दौर की रानी द्वारा हुआ था मंदिर का पुनर्निर्माण-

दरसल काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माड़ इन्दौर की रानी अहिल्या बाई होल्कर द्वरा करवाया गया था।क्योकि लोगो का ऐसा मानना है की 18वीं सदी में स्वयं भगवान शिव ने अहिल्या बाई के सपने में आकर इस जगह उनका मंदिर बनवाने को कहा था.

5- काशी इसलिए जाना जाता है वाराणसी के नाम से-

यहाँ गंगा जैसी पावन नदी के अलावा वरुणा और अस्सी नदी बहने के कारण यह शहर वाराणसी के नाम से प्रसिद्ध है.

अभी तक हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर,बच्चन परिवार,शिल्पा शेट्ठी,अम्बानी से लेकर सारे छोटे बड़े स्टार,राजनेता और बिज़नेसमैंन यहाँ आकर भगवान् भोलेनाथ का आशीर्वाद ले चुके है .

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