कोलकाता में अब पेड़ो के लिए भी जारी हुआ पहचान पत्र

Sep 17 2015 04:17 AM
कोलकाता में अब पेड़ो के लिए भी जारी हुआ पहचान पत्र

कोलकाता : “कोलकाता उपनगर देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां अब इंसानों की तरह पेड़ों को भी पहचान पत्र दिए जा रहे हैं। पेड़ो की 28 किस्मों के लिए यह पहचान पत्र जलवायु परिर्वतन का मुकाबला करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का आकलन करने के लिए एक परियोजना के तहत अधिकारियों द्वारा दिए गए है।” पेड़ों के महत्व के बारे में जानना और इस जानकारी को मान लेना दोनों अलग-अलग बातें हैं।

लेकिन इन दोनों बातो में समानता लेन के लिए कोलकाता में एक नई परियोजना की शुरुवात की गई है। इस परियोजना की अगुवाई कर रहे पर्यावरणविद अभिजीत मित्र ने कहा कि नागरिकों की तरह अब पेड़ों के भी पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं। जिस तरह व्यक्तियों का मतदाता पहचान पत्र होता है उसी तरह पेड़ का भी पहचान पत्र बनाया जा रहा है। इन पहचान पत्र में पेड़ों की प्रजातियों के स्थानीय नाम, वैज्ञानिक नाम, इसके स्थान का भौगोलिक निर्देशांक, तस्वीर, वजन और लकड़ी का घनत्व आदि जैसी जानकारी लिखी जाएगी।

कोन्नगर नगर पालिका के अध्यक्ष बप्पदित्य चटर्जी ने बताया कि अब तक ऐसे 3,000 पहचान पत्र बनाये जा चुके हैं जिन्हें पेड़ों पर लगाया गया है। इन पहचान पत्र देखने के बाद व्यक्ति यह समझ पायेगे कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में पेड़ों का योगदान क्या है। भारत में इस तरह की यह पहली योजना होने का दावा करते हुए चटर्जी ने कहा, हमें जीवित रहने के लिए सबसे पहले ऑक्सीजन की जरूरत होती है जो हमें पेड़ों से मिलती है। दूसरी बात की पेड़ कार्बन अवशोषित कर लेता है

लेकिन अवशोषण का अनुपात हर प्रजाति के लिए अलग-अलग होता है और ऐसे में हमारे लिए उनका खाका तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह कोलकाता से लगभग 25 किलोमीटर दूर पड़ोस के हुगली जिले में स्थित उपनगरों में पेड़ों की कुल 53 प्रजातियां मिली हैं। इनमें से 28 प्रजातियों के पेड़ सबसे अधिक हैं और पेड़ों की कुल संख्या में उनका 70 फीसदी भाग है। इनमें नीम, पीपल, बरगद, राधाचूरा, कृष्णाचूरा, इमली, नारियल आदि प्रमुख पेड़ हैं।