इंदौर में स्कूल तथा कॉलेज की बसों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों का होगा परिवहन

लॉकडाउन के चलते जो लोग दूसरे राज्य में फसे हुए है वे लोग पैदल ही घर के लिए निकल पड़े है. वहीं, इंदौर जिले में प्रवासी मजदूरों को सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से इंदौर जिले की सीमा से गंतव्य जिले की सीमा तक पहुंचाने के लिये विशेष योजना बनाई गई है. इस बार्न में कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि प्रवासी नागरिकों के इंदौर जिले की सीमा से समीप के जिले तक परिवहन के लिये स्कूल तथा कॉलेज की बसों की मदद ली जायेगी. इसके लिये स्कूल और कॉलेज की बसों को परमिट से मुक्त किया गया है. साथ ही ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रवासी नागरिकों के लिये टेंट लगाकर पेयजल, खाने आदि की व्यवस्था भी की जा रही है.

कलेक्टर ने आगे बताया कि इंदौर जिले में कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर मजदूरों का आवागमन काफी संख्या में हो रहा है. इंदौर जिले की सीमा पर ग्राम मानपुर से वाहनों में अथवा पैदल प्रवेश कर रहे हैं. इन परिस्थितियों के मद्देनजर ने इंदौर जिले की समस्त पंचायतों को यह निर्देश दिये हैं कि जहां से मजदूरों की आवाजाही चल रही है, वहां टेंट लगाकर पेयजल, खाने इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करें. साथ ही स्कूल एवं कॉलेज से भी कहा गया है कि वे अपनी बसों के माध्यम से मानपुर स्थित इंदौर की सीमा से बसों के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोगों को बैठाकर इंदौर जिले की सीमा से पार करायें.

बता दें की मनीष सिंह ने इसके मद्देनजर एक आदेश जारी कर स्वीकृति प्रदान की है कि स्कूल-कॉलेज संचालक मानपुर स्थित इंदौर जिले की सीमा से ऐसे पैदल चलने वाले श्रमिकों को बसों में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुये देवास बायपास से आगे तक छोड़ सकेंगे ताकि वे इंदौर एवं देवास शहर की सीमा के उस पार पहुंच सकें. स्कूल बसों की इस आवाजाही में उन्हें किसी प्रकार के परमिट लेने की आवश्यकता से मुक्त किया गया है. हालांकि परिवहन विभाग स्कूल-कॉलेज के इस सेवा कार्य में सहयोग प्रदान करेगा.

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