एमपी: 5000 से अधिक मजदूरों की घर हुई वापसी, स्क्रीनिंग के बाद अपने जिले के लिए निकले

कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया गया था. इसकी वजह से कई रज्य में लोग फंसे हुए है. वहीं, लॉकडाउन में महाराष्ट्र और गुजरात में फंसे कई जिलों के पांच हजार से अधिक मजदूरों को लेकर खुशियों की ट्रेनें शनिवार को रतलाम, मेघनगर और खंडवा पहुंचीं. बसों से इनके गृहनगर भेजा गया है. हालांकि अव्यवस्था भी देखने को मिली है. रतलाम में गुजरात के राजकोट से आई ट्रेन से बच्चों सहित 1500 यात्रियों को उतारा गया. इसके बाद इन्हें स्क्रीनिंग के लिए भेजा गया.

दरअसल, स्वास्थ्य टीमों द्वारा जांच के बाद मजदूरों को इनके गृहनगर 37 बसों से रवाना किया गया. इनमें भिंड, मुरैना, दतिया, रीवा, पन्नाा, सतना, उज्जैन, आलीराजपुर और झाबुआ जिलों के लोग थे. सरकार द्वारा प्रदेश में रतलाम को इंट्री पॉइंट बनाया गया है. सैनिटाइजेशन, मास्क वितरण और बसों में भोजन पैकेट, पानी भी रखवाया गया.

बता दें की शुक्रवार को भी मजदूरों को लेकर ट्रेन आई थी. रविवार को मोरवी से ट्रेन रतलाम आएगी. बस में दो की सीट पर चार बैठाए गए और सुबह करीब 8 बजे गुजरात के जुनागढ़ से ट्रेन से 1250 मजदूरों को झाबुआ के मेघनगर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया. ये जिले के अलावा बड़वानी, आलीराजपुर, धार, भिंड और मुरैना के हैं. टेंट की व्यवस्था प्लेटफार्म तीन पर की गई थी, लेकिन ट्रेन प्लेटफार्म 1 पर रोकी गई. इससे अव्यवस्था हो गई थी. बसों में भी शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया गया. दो की सीट पर तीन से चार लोग बैठाए गया. कुछ लोगों के पास मास्क भी नहीं थे. भोजन के पैकेट को लेकर भी मजदूरों को काफी इंतजार करना पड़ा. मेघनगर में पोरबंदर से दूसरी ट्रेन शाम को पहुंची. इसमें 1180 मजदूर पहुंचे.

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