वन रैंक वन पेंशन पर फंसा कांटा निकालने में लगी सरकार

नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन योजना को भारतीय सेना के लिए लागू तो कर दिया गया है लेकिन अब सरकार इससे पड़ने वाले वित्तीय दबाव को नियंत्रित करने में लगी है। सरकार द्वारा सारी माथापच्ची वित्त प्रबंधन को लेकर की जा रही है। जिसके अनुसार केंद्र के प्रशासकीय वर्ग में पदस्थ एक उच्च अधिकारी ने कहा है कि केंद्र सरकार सैनिकों की सेवानिवृत्ति को लेकर उन्हें यह सुविधा देने जा रही है कि वे सेवानिवृत्ति के बाद भी पुलिस या अर्द्धसैनिक बलों में कार्य कर सकेंगे।

इस योजना के तहत सैनिकों को 60 वर्ष की आयु होने तक कार्य करने का अवसर मिलेगा दूसरी ओर उन्हें वन रैंक वन पेंशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि वन रैंक वन पेंशन में अल्पकालीन सेवा को शामिल नहीं किया गया।

जिसे लेकर कहा गया कि स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले अधिकारियों को वन रैंक वन पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सकता। इस मसले पर पूर्व सैनिकों का कहना था कि अल्पकालीन सेवा करने वालों को भी इस योजना का लाभ मिले। 80 प्रतिशत सैनिक ऐसे होते हैं जो 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पहले ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। 

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