तोरा-बोरा में आतंक के अंत के लिए जुटे जवान

Dec 04 2017 10:17 AM
तोरा-बोरा में आतंक के अंत के लिए जुटे जवान

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा एक बड़े ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी गई है. हाल ही में बडगाम के पखारपोरा में हुई एक मुठभेड़ को इस ऑपरेशन की पहली कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. इस एनकाउंटर में आतंकी  संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 4 आतंकियों को मार गिराया गया था. जैश के तीन आतंकियों की मौत के साथ संपन्न इस अभियान का खाका मुठभेड़ से करीब 24 घंटे पहले बना था. 

यह कश्मीर में स्थानीय और विदेशी आतंकियों के लिए तोरा-बोरा बन चुके पखरपोरा को आतंकवाद मुक्त कराने के लिए सुरक्षाबलों का पहला अभियान माना जा रहा है. पखारपोरा को कश्मीर के बेहद संवेदनशील इलाकों के रूप में जाना जाता है और पूर्व में भी ऐसी आशंकाएं जताई जाती रही हैं कि इस इलाके के जंगलों में बड़ी संख्या में आतंकियों की मौजूदगी हो सकती है. पखारपोरा के ये जंगल अफगानिस्तान की उन्हीं तोरा-बोरा गुफाओं जैसी हैं जिनमें तालिबान आतंक का सम्राज्य चलता था. 

पखरपोरा और उससे सटे इलाकों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षाबलों को इस क्षेत्र में आतंकियों की एक बड़ी तादाद के छिपे होने की आशंका थी, लेकिन कभी इस तरह से सुनियोजित अभियान नहीं चलाया गया क्योंकि इस इलाके में अफगानिस्तान के तोरा-बोरा की तरह गहरी खाइयां, ऊंचे पहाड़, घने जंगल, नाले और गुफाएं हैं. यहां बिना तैयारी के जाना किसी बड़ी नुकसान का कारण बन सकता है.

पखारपोरा की संवेदनशीलता को देखते हुए इसके पास के एक इलाके में सेना ने एक हजार जवानों की एक बटालियन का कैंप बना दिया है. सेना का कैंप राज्य की उसी बीरवाह विधानसभा का हिस्सा है जहां से पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला विधायक है.

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