खून के आसू रुला देने वाली दर्द भरी शायरी

1-  वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,

न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,

अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,

कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।

2- मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था

रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया

3- अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल, अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल, अब किसी दिलासे की जरूरत नही है, क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल।

4- दिन हुआ है, तो रात भी होगी,

मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी।

वो प्यार है ही इतना प्यारा,

ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी।

5- अब तेरे बिना जिंदगी गुजारना मुमकिन नही है,

अब और किसी को इस दिल में बसाना आसान नही है,

हम तो तेरे पास कब के चले आये होते सब कुछ छोड़ कर,

लेकिन तूने कभी हमे दिल से पुकारा ही नही है।

6- मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था,

एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था,

एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी,

और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था।

7- अब मोहब्बत नही रही इस जमाने में, क्योंकि लोग अब मोहब्बत नही मज़ाक किया करते है इस जमाने में।

8- चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,

हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,

अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,

लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है।

9- इंसान की ख़ामोशी ही काफ़ी है, ये बताने के लिये की वो अंदर से टूट चूका है।

10- कोई मिला ही नही हमे कभी हमारा बन कर,

वो मिला भी तो हमे सिर्फ किनारा बनकर,

हर ख्वाब बन कर टुटा है यहां,

अब बस इंतज़ार ही मिला है एक सहारा बन कर।

11- हम जानते है आप जीते हो जमाने के लिए,

एक बार तो जीके देखो सिर्फ हमारे लिए,

इस नाचीज़ की दिल क्या चीज़ है,

हम तो जान भी देदेंगे आप को पाने के लिए।

12- हम तो ख्वाबो की दुनिया में बस खोते गये,

होश तो था फिर भी मदहोश होते गये,

उस अजनबी चेहरे में क्या जादू था,

न जाने क्यों हम उसके होते गये।

13- वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही,

मोहब्बत में प्रेमी कभी झुकता नही,

किसी की खुशियों के खातिर चुप है,

पर तू ये न समझना की मुझे दुःखता नही।

14- हर पल साथ देने का वादा करते हैं तुझसे,

क्यों अपनापन इतना ज्यादा है तुझसे,

कभी ये मत सोचना भूल जायेंगे तुझे हम,

हर पल साथ निभाने का वादा है तुझसे।

15- तेरा यूँ मेरे सपनो में आना ये तेरा कसूर था,

और तुझ से दिल लगाना ये मेरा कसूर था,

कोई आया था पल दो पल को जिंदगी में,

और सर अपना समझ लेना वो मेरा कसूर था।

16- कितना दर्द है इस दिल में लेकिन हमे एहसास नही है,

कोई था बहुत खास पर वो पास नही है,

हमे उनके इश्क ने बर्बाद कर दिया,

और वो कहते है की ये कोई प्यार नही है।

17- इस दिल में आग सी लग गई जब वो खफा हुए,

फर्क तो तब पड़ा जब वो जुदा हुए,

हमे वो वफ़ा करके तो कुछ दे न सके,

लेकिन दे गये वो बहुत कुछ जब वो वेबफा हुए।

18- जब कोई ख्याल इस दिल से टकराता है,

तो दिल न चाहते हुए भी खामोश हो जाता है,

कोई सब कुछ कह कर भी कुछ नही कह पाता है,

और कोई बिना कुछ कह भी सब कुछ कह जाता है।

19- मेरी वफा की कदर ना की अपनी पसन्द पे एतबार किया होता

सुना है वो उनकी भी ना हुई मुझे छोड़ दिया था तो उसे अपना लिया होता

20- मुद्दतों बाद भी नहीं मिलते हम जैसे नायाब लोग

तेरे हाथ क्या लग गए तुमने तो हमे आम समझ लिया

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