भारतीय बैडमिंटन टीम के साथ टोक्यो नहीं जाएंगे मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद, जानिए क्यों?

भारत को दो ओलंपिक पदक दिलाने में मदद करने वाले अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी और भारतीय टीम के मुख्य कोच ने टीम के साथ टोक्यो नहीं जाने का फैसला किया है। उन्होंने श्रीकांत को ट्रेनिंग देने वाले इंडोनेशियाई अगुस द्वि संतोसा को मौका दिया है। हाल ही में भारतीय ओलंपिक संघ ने 5 सहायक कर्मचारियों की घोषणा की है जिसमें तीन कोच और दो फिजियो शामिल हैं। चिराग और सात्विक का मार्गदर्शन माथियास बो करेंगे। भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के महासचिव अजय सिंघानिया ने पीटीआई को बताया, "सिर्फ एक कोटा उपलब्ध होने के साथ, गोपीचंद ने यह सुनिश्चित करने के लिए बाहर निकलने का फैसला किया कि संतोसा को समायोजित किया जा सके जो महामारी के बाद से साई (प्रनीत) के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं।"

इससे पहले बीएआई ने आईओए को पत्र लिखकर सात सदस्यीय सहयोगी स्टाफ को टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों के साथ जाने को कहा था। गोपीचंद के फैसले के बाद स्टाफ में नौ सदस्य होंगे, जिनमें तीन विदेशी कोच- सैंटोसो, ताए सांग और बोए- और दो फिजियो सुमांश शिवलंका और इवांगलाइन बद्दाम (महिला) और चार खिलाड़ी शामिल हैं।

हालांकि, कोविड की स्थिति को देखते हुए टीम के साथ केवल स्टाफ सदस्यों को ही जाने की अनुमति है। नियमों के अनुसार, ओलंपिक में टीम के साथ अधिकारियों की संख्या एथलीट के एक तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है।

 

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