राष्ट्रीय रेडियो दिवस : प्रधानमंत्री मोदी ने रेडियो को दी है नई दिशा, इस दिन मिला था पहला विज्ञापन

Aug 20 2019 12:16 AM
राष्ट्रीय रेडियो दिवस : प्रधानमंत्री मोदी ने रेडियो को दी है नई दिशा, इस दिन मिला था पहला विज्ञापन

आज 20 अगस्त  है, इतिहास में यह दिन ' नेशनल रेडियो डे' के नाम से मनाया जाता है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग बढ़-चढ़कर बधाइयां दे रहे हैं. जमाना भले ही स्मार्टफोन्स का हो लेकिन रेडियो के लिए लोगों की दीवानगी आज भी कम नहीं हुई है. कैब ड्राइवर, स्टूडेंट्स, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स समेत करोड़ों लोग आज भी रेडियो सुनते हैं. हालांकि कुछ साल पहले यह अफवाह उड़ी थी कि स्मार्टफोन आने के बाद रेडियो पूरी तरह खत्म हो जायेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं बल्कि स्मार्टफोन्स के आने की वजह से और भी ज्यादा लोग रेडियो से जुड़े हैं.

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रेडियो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक नई दिशा दी है. वह रेडियो पर 'मन की बात' कहते हैं जिसे सुनने के लिए करोड़ों लोग रेडियो का प्रयोग करते हैं. इस तरह पीएम ने रेडियो को दोबारा लोगों के घर में पहुंचाया है. वही पहली बार रेडियो में विज्ञापन की शुरुआत 1923 में हुई. इसके बाद ब्रिटेन में बीबीसी और अमेरिका में सीबीएस और एनबीसी जैसे सरकारी रेडियो स्टेशनों की शुरुआत हुई. नवंबर 1941 में सुभाष चंद्र बोस ने रेडियो पर जर्मनी से भारतवासियों को संबोधित किया था.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भारत में रेडियो ब्रॉडकास्ट की शुरुआत 1923 में हुई थी. साथ ही 1930 में 'इंडियन ब्रॉडकास्ट कंपनी' (IBC) दिवालिया हो गई थी और उसे बेचना पड़ा. इसके बाद 'इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस' को बनाया गया था. 1936 में भारत में सरकारी ‘इम्पेरियल रेडियो ऑफ इंडिया’ की शुरुआत हुई जो आजादी के बाद ऑल इंडिया रेडियो या आकाशवाणी बन गया.देश में आकाशवाणी के 420 स्टेशन हैं, जिनकी 92% क्षेत्र में 99.19% आबादी तक पहुंच है. आकाशवाणी से 23 भाषाओं और 14 बोलियों में पूरे देश में प्रसारण होता है. देश में 214 सामुदायिक रेडियो प्रसारण केंद्र (कम्युनिटी रेडियो) हैं.

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