जीजाबाई : स्वराज्य की देवी का हुआ था जन्म

Jan 12 2016 12:20 PM
जीजाबाई : स्वराज्य की देवी का हुआ था जन्म

राठा साम्राज्य के माध्यम से हिंदवी स्वराज की नींव रखने वाले हिंदूपदपादशाही के गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज का निर्माण करने वाली माता जीजाबाई का जन्म 12 जनवरी सन् 1597 को हुआ था। यह वही दिन था जब आतंक के बढ़ते पैरों को रोकने वाली ताकत को जन्मने वाली शक्ति का उद्भव हुआ।  उनका जन्म सिन्दखेड़ के अधिपति जाधवराव के यहां हुआ। जीजाबाई बाल्य अवस्था से ही हिंदुत्व प्रेमी, धार्मिक और साहसी स्वभाव की महिला थीं। सहिष्णुता का गुण उनमें पहले से ही था।

मालोजी के पुत्र शाहजी से जीजाबाई का विवाह हुआ। दोनों ही परिवारों में पहले से ही मित्रता थी। मगर बाद में मित्रता कटुता में परिवर्तित हो गई। जीजाबाई के पिता मुगलों के पक्षधर थे। 

जाधवराव मुगलों की ओर से लड़ते हुए शाहजी राजे भोंसले का पीछा कर रहे थे। ऐसे समय जाजाबाई गर्भवती हुईं। शाहजी ने अपने मित्र की सहायता से जीजाबाई को शिवनेर के किले में भेज दिया। यहां भेजने के बाद वे आगे बढ़ गए। जब जाधवराव वहां पहुंचे तो वे जीजाबाई को देखा। इस पर उन्होंने अपने पिता जाधवराव से कहा कि मैं आपकी दुश्मन हूं। दरअसल मेरा पति आपका शत्रु है इसलिए मैं आपकी शत्रु हूं।

दामाद के बदले कन्या हाथ लगी है जो कुछ करना चाहो कर लो। पिता ने उसे अपने साथ मायके चलने को कहा, मगर जीजाबाई का जवाब था कि आर्य नारी का धर्म पति के आदेश का पालन करना ही है। 10 अप्रैल 1627 को जीजाबाई ने शिवनेर के दुर्ग में शिवाजी को जन्म दिया। जीजाबाई ने कई कष्ट सहन करे।

बालक शिवा का लालन-पालन किया गया और उन्हें क्षत्रिय वेश के अनुसार शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा दी। उन्हें दादा कोंडदेव ने महत्वपूर्ण शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म की रक्षा करनी होगी। शिवाजी ने महाराष्ट्र के ही साथ भारत के बड़े भू - भाग पर स्वराज्य की स्वतंत्र पताका फहराई।