नायक से खलनायक बन गए थे प्रेमनाथ

फ़िल्मी दुनिया में खलनायक के किरदार को एक अलग पहचान दिलाने वाले अभिनेता प्रेमनाथ आज ही के दिन 1992 को दुनिया से विदा ले चुके थे. पचास के दशक में हिंदी फिल्मो में नायक की भूमिका निभा चुके प्रेमनाथ का जन्म 21 नवम्बर 1926 में पेशावर में हुआ था. वे बचपन से ही अभिनय के शौकीन थे. बटवारे के बाद उनका पूरा परिवार मध्यप्रदेश के जबलपुर में आ बसा. पचास के दशक में फ़िल्मी दुनिया में काम करने का सपना उन्हें मुंबई की और ले गया. यह उन्होंने पृथ्वीराज कपूर के थियेटर में अभिनय शुरू कर दिया.

उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1948 में आई फिल्म अजित से की थी. लेकिन उन्हें सफलता फिल्म बरसात से मिली. फिल्म औरत के दौरान वे अपना दिल अभिनेत्री बिना राय को दे बैठे. और बाद में उन्होंने बिना के साथ शादी कर ली. उन्होंने अपनी पत्नी के साथ फिल्मो का निर्माण करना शुरू कर दिया.लेकिन उनके द्वारा निर्मित एक भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली. इसके बाद वो पूरी तरह अभिनय पर ध्यान देने लगे.

लेकिन कुछ फिल्मे करने के बाद उन्हें लगा की वे नायक के बजाये फिल्मो में खलनायक के किरदार में ज्यादा सहज महसूस करते है. इसके बाद उन्होंने फिल्मो में खलनायक की भूमिका करना शुरू कर दी. जिसके बाद खलनायिकी को एक नया आयाम मिला. उन्होंने जॉनी मेरा नाम,धर्मात्मा,बॉबी,हम दोनों जैसी सुपरहिट फिल्मे की. हम दोनों उनके करियर की अंतिम फिल्म थी और 3 नवम्बर 1992 को सिनेमा का ये प्रकाशवान दीया हमेशा के लिए बुझ गया.

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -