बंगाल में अब हिंसा के खिलाफ बीजेपी करेगी धरना प्रदर्शन

बंगाल में चुनाव के उपरांत जारी हिंसा में अब तक कुल 12 लोगों की जान जा चुकी है, और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं। कई घरों और मकानों में तोड़फोड़ भी की जा रही है, निशाना बीजेपी के कार्यकर्ताओं को बनाया जा रहा है। ऐसे में अब भाजपा देशभर में आज यानी बुधवार को बंगाल में हो रही हिंसा के विरुद्ध धरना प्रदर्शन करने वाली है। तृणमूल कांग्रेस द्वारा रविवार को विधानसभा चुनावों में शानदार जीत प्राप्त करने के उपरांत पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़क उठी है। चुनाव के परिणाम आने के बाद हिंसा राज्य के विभिन्न हिस्सों में बढ़ गई। प्रदेश के कई इलाकों में हत्या, मारपीट बमबारी और बर्बरता और भी बढ़ती जा रही है। मरने वालों में 5 भाजपा के, पांच तृणमूल के और एक आईएसएफ का कार्यकर्ता शामिल है। एक ही राजनीतिक पहचान पर विवाद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाराजगी जताई: जंहा पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के उपरांत हुई हिंसा पर पीएम मोदी ने भी नाराजगी जताई है। यह बात पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कही है। इस बीच बीजेपी ने इस केस में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इस अनियंत्रित हिंसा की CBI जांच करने की अपील की है। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी की जीत के उपरांत कुछ इलाकों में हिंसा हुई है। बीजेपी TMC दोनों पार्टियों ने इसके लिए एक दूसरे पर इलज़ाम  लगाया है और दोनों ने अपने कार्यकर्ताओं पर हमला होने की बात बोली गई है। बीजेपी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में जीत के उपरांत कथित रूप से की गई हिंसा में भाजपा के कम से कम 6 कार्यकर्ता और समर्थक की जान जा चुकी है। जिसमें एक महिला भी शामिल है।

केंद्र ने राज्य तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने को कहा: हम बता दें कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को बोला कि पीएम  मोदी ने उनसे बात की और चुनाव के उपरांत कई जिलों में हिंसा की खबरों के मद्देनजर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया। केंद्र ने राज्य में विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले की घटना को लेकर गवर्नमेंट से तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जंहा इस बारें में बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव के दौरान और बाद में कथित रूप से कत्ल और दुष्कर्म सहित अनियंत्रित हिंसा की CBI जांच के लिए मंगलवार को न्यायालय में आवेदन किया। वरिष्ठ अधिवक्ता ने 2018 की जनहित याचिका दायर आवेदन में राज्य गवेर्नमेंट को निर्देश देने का अनुरोध किया है कि वह हिंसा के में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी और उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें।

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