सलाम : यात्री को बचाने के लिए ड्राइवर 3 किलोमीटर पीछे लेकर गया ट्रैन

ग्वालियर। ग्वालियर से सबलगढ़ जा रही नैरोगेज ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड ने इंसानियत की अनोखी मिशाल पेश की है और एक यात्री की जिंदगी ख़त्म होते होते बचा ली। मामला है की चलती ट्रेन से एक यात्री गिरकर घायल हो गया। यात्री के गिरने के बाद ट्रेन 3 किलोमीटर आगे निकल चुकी थी, लेकिन जैसे ही ड्राइवर-गार्ड को घटना का पता चला तो यात्री को बचाने के लिए ट्रेन 3 किलोमीटर वापस ले गए। यात्री को ट्रेन में बैठाया और उसे तुरंत दर्द निवारक दवा दी, फिर गार्ड ने खुद मरहम पट्टी भी की।

ग्वालियर रेल सेक्शन में इस तरह की यह पहली घटना है, जब ड्राइवर और गार्ड यात्री को बचाने के लिए ट्रेन को तीन किलोमीटर वापस लौटाकर ले गए। मुरैना के जौरा तहसील में बिचनौरी गांव का रहने वाला सुभाष पुत्र हल्केराम विश्नोई उम्र 22 वर्ष शनिवार दोपहर 3:20 बजे ग्वालियर से जौरा जाने के लिए अपने साथी जितेन्द्र के साथ नैरोगेज ट्रेन (52173) में सवार हुआ था। ट्रेन में काफी भीड़ थी, साथ ही ट्रेन में RPF व रेलवे स्टाफ चेकिंग भी कर रहा था। ट्रेन ग्वालियर से तक़रीबन 25 किलोमीटर दूर बानमौर-अम्बकेश्वर के बीच से गुजर रही थी। ट्रेन में जगह नहीं थी तो सुभाष गेट पर लटका हुआ था। रेलवे के किलोमीटर क्रमांक 1248 पर अचानक झटका लगते ही सुभाष का हाथ छूट गया और वह चलती ट्रेन से गिर पड़ा।

सुभाष के साथी और अन्य यात्रियों ने उसे गिरते देखा तो सभी ने शोर मचा दिया। ड्राइवर ने जैसे ही यात्रियों के शोर मचाने की आवाज सुनी तो उसने ट्रेन रोक दी। ट्रेन के रुकते ही गार्ड टीवी शर्मा और ड्राइवर ट्रेन से उतरे। यात्रियों ने जब उन्हें बताया कि सुभाष चलती ट्रेन से गिर गया है। ट्रेन किलोमीटर क्रमांक 1251 पर रुकी। ड्राइवर व -गार्ड ने आनन-फानन में ट्रेन को वापस ले जाने का निर्णय लिया। ट्रेन तीन किलोमीटर वापस लेकर गए।

जब ट्रेन वापस सुभाष के पास पहुंची तो वह दर्द से तड़प रहा था। उसे गार्ड ने उठकर अपने साथ बैठाया। तुरंत सुभाष को फर्स्ट एड बॉक्स से दर्द निवारक दवा निकालकर दी। उसकी कमर में चोट लगने पर मरहम पट्टी भी की। इसके बाद सुभाष की हालत में सुधार आया। जौरा में सुभाष अपने साथी जितेन्द्र के साथ उतर गया।

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