सुखी जीवन में प्यार बरकरार रखने के लिए : ध्यान रखे ये बाते

Mar 17 2015 04:21 PM
सुखी जीवन में प्यार बरकरार रखने के लिए : ध्यान रखे ये बाते
जीवन में कभी-कभी ऐसी स्थितियां बन जाती हैं जो परेशानियों का कारण बनती हैं। जब भी ये स्थितियां बने, उसी समय यदि हम सावधान हो जाएंगे तो दुखों से बच सकते हैं।ये एक ऐसा रिश्ता है जो की अपने आप में बहुत अनोखा है सफल और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए जरुरी है की पति और पत्नी, दोनों को अपने-अपने स्तर पर कई सावधानियां रखनी चाहिए।इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि छोटी सी लापरवाही से भी जीवन में कड़वाहट पैदा हो सकती है। 

इस रिश्ते की स्थिति अच्छी रहेगी तो दूसरे सभी कामों में भी परिणाम अच्छा ही मिलेगा। वैवाहिक जीवन की परेशानियां बाहरी कामों को भी बर्बाद कर सकती हैं। यहां कुछ ऐसी बातें, जिनका ध्यान रखने पर पति-पत्नी, दोनों खुश रह सकते हैं... 

1. एक-दूसरे को प्रोत्साहित करें 

 आमतौर पर जब जीवन साथी से कोई गलती हो जाती है तो झगड़ा इसी बात पर होता है। गलती होने पर तो हम जाहिर कर देते हैं कि काम गलत हुआ है, लेकिन जब कोई काम अच्छा होता है तो हम मौन रह जाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। पति या पत्नी, जब भी कोई काम अच्छा करते हैं तो उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। ये प्रोत्साहन प्रेम बढ़ाएगा और जीवन को सुखद बनाएगा। 

2. बोलते समय अपने शब्दों पर ध्यान रखें 

 इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हम जो भी बोल रहे हैं, जिन शब्दों का उपयोग कर रहे हैं, वे जीवन साथी के मन को दुखी करने वाले न हों। कभी-कभी जाने-अनजाने में ही ऐसे शब्दों का उपयोग हो जाता है जो कि वाद-विवाद का कारण बन जाते हैं। हमेशा शब्दों की गरिमा बनाए रखें। शब्दों में भी एक-दूसरे के प्रति मान-सम्मान का भाव बना रहें। 

3. वाद-विवाद के समय मौन रहें 

 वाद-विवाद तभी बढ़ता है जब पति-पत्नी, दोनों ही लगातार बोलते रहते हैं। वाद-विवाद से बचने का ये तरीका सबसे अच्छा है कि ऐसे समय पर मौन हो जाएं। ये मौन विवाद को बढ़ने नहीं देगा। जब विवाद खत्म हो जाए तब शांति से समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करें। 

4. जब जीवन साथी न करें विश्वास 

 सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सबसे जरूरी है कि पति और पत्नी, दोनों का एक-दूसरे के प्रति विश्वास अटूट हो। जब भी ये विश्वास टूटता है तो परिवार टूट सकता है। अत: हमें प्रयास करना चाहिए कि जीवन साथी का विश्वास ना टूटे। यदि किसी गलतफहमी के कारण ऐसा होता है तो धैर्य के साथ काम लेना चाहिए और जीवन साथी को सही ढंग से सच्चाई बतानी चाहिए। 

5. जीवन साथी का अस्वस्थ होना 

 पति-पत्नी, दोनों का कर्तव्य है कि एक-दूसरे के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यदि कभी भी जीवन साथी अस्वस्थ होता है तो सबसे पहले इस ओर ध्यान देना चाहिए। बीमारी की अवस्था में यदि जीवन साथी उचित देखभाल करता हो तो प्रेम और अधिक बढ़ता है। सुखी वैवाहिक जीवन के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी, दोनों ही स्वस्थ रहें।