इस खबर पर यकीन करना, नामुमकिन है.

Dec 05 2017 03:50 PM
इस खबर पर यकीन करना, नामुमकिन है.

अगर आज के युग में नेता जी कि बात कि जाये तो, बड़ी-बड़ी गाड़िया,आगे-पीछे बहुत से लोग ,विलासिता के पुरे तामझाम और चेहरे सरकारी पद का घमंड स्वाभाविक है. मगर देश में जहां एक ओर नेताओ के काले कारनामे और ओछी राजनीती के चर्चे आम है, वही जूनागढ़ से बीजेपी के सांसद महेंद्र लाल मशरू इन परिभाषाओ में कही नहीं फिट बैठते. आप पिछली छह बार चुनाव जीतने के बाद सातवीं बार फिर मैदान में है.

अपनी सादगी के लिए मशहूर महेंद्र जी, ना तो सरकारी सुविधा लेते है, ना ही भाषण देते है. बैंक बैलेंस और गाड़ियों से सख्त एतराज रखने वाले ये शख्श राजनीती से पहले बैंक कर्मचारी थे. ग्रेचुटी फंड से अपना जीवन-यापन करने वाले महेंद्र जी पहली बार 1990  में निर्दलीय लड़े और जीते भी, बाद में बीजेपी से जुड़े. आप पहले ही अपनी पेंशन ना लेने का एलान कर चुके है. अपनी माँ को आदर्श मानने वाले महेंद्र जी मंदिरो के सामने से कचरा उठाने से भी नहीं झिझकते. सेवाभावी महेंद्र जी खुद खेती भी करते है. सरकारी सुख सुविधाओं से दुर रह कर, सिर्फ जनता कि सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने वाले इस व्यक्ति से पुरे देश को प्रेरणा मिलती है, और साथ ही यकीन नहीं होता कि आज के युग में और वो भी राजनीती में, महेंद्र जी जैसे लोग भी है    

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