समय पर एंबुलेंस न मिलने से पूर्व प्रधामनंत्री कोईराला की बिगड़ी थी हालत

Feb 12 2016 11:00 AM
समय पर एंबुलेंस न मिलने से पूर्व प्रधामनंत्री कोईराला की बिगड़ी थी हालत

काठमांडू : नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोइराला को चिकित्सालय न ले जाना चर्चाओं में रहा। उनके निजी चिकित्सक कबीरनाथ योगी ने चिकित्सकीय सुविधाओं की बदहाली पर सवाल उठाते हुए यह दावा किया कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो कोइराला बचाए जा सकते थे। पूर्व प्रधानमंत्री कोइराला का  बुधवार तड़के निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे और बीमार थे।

दरअसल यह कहा गया कि कई बार एंबुलेंस के लिए काॅल किया गया लेकिन एंबुलेंस ने फोन नहीं उठाया। ऐसे में कोईराला को अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। यदि एंबुलेंस मिल पाती तो कोइराला बच सकते थे। चिकित्सक योगी ने कहा कि हालांकि अन्य वाहनों से उन्हें ले जाया जा सकता था मगर इसमें आॅक्सीजन की अनुपलब्धता होने से जान का रिस्क था।

मगर एंबुलेंस न आने पर भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोईराला के निवास के पास स्थित चिकित्सालयों से त्रिभुवन विश्वविद्यालय टीचिंग हाॅस्पिटल में योगी ने एंबुलेंस की उपलब्धता हेतु 13 बार काॅल किया गया। मगर किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया। उन्हें चिकित्सालय ले जाने की सभी योजनाऐं टाल दी गईं। नेपाल प्रमुख के समाचार पत्रों ने कोइराला की मौत और उनकी बिगड़ती हालत के लिए एंबुलेंस आदि न भेजे जाने को लेकर प्रश्न उठाए हैं। अब इस मामले में संभावना जताई जा रही है कि सरकार जिम्मेदारों से सवाल कर  सकती है।