इंटर्नशिप के लिए इटली गए तीन छात्रों के साथ नस्लीय भेदभाव

मुंबई : इटली में तीन आईआईटियंस के साथ नस्ली भेदभाव का मामला सामने आया है। आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई कर रहे उदय कुसूपति, दिल्ली आईआईटी के अक्षित गोयल और दीपक भट्ट वेंटिमिग्लिया में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। उसी वक्त वहां सिक्योरिटी के लोग आए और उन्हें वहां से 110 किमी दूर एक शहर में ले गए। इन छात्रों ने भारतीय दूतावास में इसकी शिकायत की है।

कंप्यूटर साइंस के ये तीनों छात्र इनरिया सोफिया एटिपोलिस मेडिटैरेनी कंपनी में मई से इंटर्नशिप कर रहे हैं। वे वीकेंड मनाने जेनेवा जा रहे थे। आईआईटी की ऑन कैम्पस इनसाइट मैगजीन के एडिटर श्रीरंग जावडेकर ने बताया कि सिक्युरिटी एजेंसी के लोग इंग्लिश नहीं बोल पा रहे थे। इस वजह से वे तीनों स्टूडेंट्स की बात नहीं समझ पा रहे थे।

उन्होंने तीनों से कुछ बातें कहीं और उनके पासपोर्ट जब्त कर उन्हें वहां से ले गए। इन तीनों को कुछ पाकिस्तानी और अफ्रीकी लोगों के साथ फ्लाइट से इटली ले जाया गया। शुरुआत के 10 घंटे तक वो किसी से मदद नहीं ले पाए। इसके बाद उन्होने किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क किया। इटली के काउंसिल जनरल उगो कियारलातनी का कहना है कि इटली के लोग रेसिस्ट नहीं हैं।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हर दिन बड़ी संख्या में सीरिया के लोग इटली में आ रहे हैं। छात्रों के परिजनों ने बताया कि उन्हें बारी ले जाने का कोई मतलब नहीं था, लेकिन सिक्योरिटी वालों ने बताया कि उनका पासपोर्ट बारी में ही चेक होगा। दूतूवूस के अधिकारियों ने स्टूडेंट्स के परिजनों को समझाया है कि उनके बच्चों को कुछ नहीं होगा।

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